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ब्रिटेन में वैक्सीन लांच के बाद भारत में भी तैयारी तेज, एम्स निदेशक बोले आखिरी चरण के रिजल्ट का इंतजार

ब्रिटेन में फार्मा कंपनी फाइजर की कोरोना वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद भारत में भी वैक्सीन लांचिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। एम्स के निदेशक ने कहा है कि इस महीने के अंत तक रिजल्ट आने के साथ ही जनवरी तक वैक्सीन लांच करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अभी वैक्सीन का ट्रायल आखिरी चरण में चल रहा है।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan3 Dec, 2020

ट्रायल में नहीं मिली खामी
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप सिंह गुलेरिया ने कहा कि भारत में कोरोना वैक्सीन ट्रायल्स के अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि इस बात का पर्याप्त डाटा है कि वैक्सीन सुरक्षित है। करीब 70,000-80,000 लोगों को वैक्सीन दी गई है। अब तक वैक्सीन का कोई गंभीर विपरीत असर नहीं हुआ है।

वैक्सीन से टूटेगी संक्रमण चेन एम्स के निदेशक ने कहा कि वैक्सीन से मृत्युदर में कमी आएगी और बड़ी आबादी को वैक्सीन लगाने से हम वायरस के प्रसार की चेन को तोड़ पाएंगे। पहले और दूसरे चरण के ट्रायल्स के रिजल्ट शानदार रहे हैं और तीसरे चरण के ट्रायल्स के अब तक आए नतीजे भी सकारात्मक हैं। वैक्सीन दिसंबर के अंत तक या जनवरी तक आने की उम्मीद है।

जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को डोज
​इससे पहले पिछले सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन भी यह बात कह चुके हैं कि भारत में वैक्सीन को 2—4 महीनों लांच किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि जुलाई-अगस्त तक करीब 25-30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की योजना है और इसी हिसाब से तैयारियां चल रही हैं।

ब्रिटेन दे चुका है फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी
बता दें कि बीते दिन ब्रिटेन ने अपनी फार्मा कंपनी फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। ब्रिटेन में अगले सप्ताह से वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। सबसे पहले गंभीर रूप से ​बीमार लोगों को वैक्सीन दी जाएगी और उसके बाद मेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों को डोज मिलेगा। इसके बाद बुजुर्गों को वैक्सीन लगाई जाएगी। यही प्रक्रिया भारत में भी इस्तेमाल की जाएगी।...NEXT

 

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