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25 दिन के शिशु और 99 साल की दादी ने कोरोना को हराया, आप भी दे सकते हैं मात, करना होगा ये काम

अगर सावधानी बरती जाए, खानपान और इलाज पर ध्‍यान दिया जाए तो घर पर ही आसानी से कोरोना से निजात पाई जा सकती है। हरियाणा में 99 साल की बुजुर्ग दादी ने घर में आईसोलेशन में रहते हुए कोरोना को शिकस्‍त दे दी है। वहीं, भुवनेश्‍वर में 25 दिन के शिशु ने कोरोना को हरा दिया है। अगर बुजुर्ग दादी और शिशु कोरोना पर विजय पा सकते हैं तो आप भी ऐसा कर सकते हैं। इसलिए हौसला रखें जीत आपकी होगी।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan3 Jun, 2021

पॉजिटिव मिले थे 25 का शिशु और मां पॉजिटिव
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार 17 अप्रैल को भुवनेश्‍वर के डिस्ट्रिक हॉस्पिटल में यादरम राउत की पत्‍नी सीमा ने प्रीमैच्‍योर बेबी ब्‍वॉय को जन्‍म दिया। जन्‍म के कुछ दिन बाद ही घर में शिशु को खांसी जुकाम हो गया। 12 मई को हॉस्पिटल में मां और 25 दिन के बच्‍चे की कोरोना जांच हुई तो पता चला दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं।

एक सप्‍ताह में शिशु ने कोरोना को हराया
मां सीमा को होम आईसोलेशन में रखा गया, जबकि 25 दिन के शिुश को अस्‍पताल में भर्ती किया गया। एक सप्‍ताह के इलाज के बाद प्रीमैच्‍योर शिशु ने कोरोना को मात दे दी और पूरी तरह रिकवर हो गया। डॉक्‍टर्स ने शिुश को 18 मई को अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज कर दिया। शिशु के पिता ने बेटे का नाम विकास रखा है और डॉक्‍टर्स को शुक्रिया कहा।

35 साल के युवक ने मौत को दी शिकस्‍त
रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात के सूरत में रहने वाले 35 साल के इरशाद शेख ने फेफड़ों में 100 फीसदी इंफेक्‍शन के बाद भी कोरोना को हराकर जिंदगी जीत ली। डॉक्‍टर्स ने इरशाद की जिंदगी बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। 10 दिन तक उन्‍हें बाइपैप के जरिए ऑक्‍सीजन दी गई। इरशाद को प्‍लाज्‍मा थैरेपी, स्‍टेरॉयड और रेमडेसिविर के जरिए ठीक करने में कामयाबी मिली।

99 साल की दादी ने घर में कोरोना को हराया
एएनआई के मुताबिक हरियाणा के गुरुग्राम की 99 साल की बुजुर्ग दादी ने होम आइसोलेशन में रहते हुए कोरोना को शिकस्‍त दे दी है। बुजुर्ग महिला के पोते ने एएनआई को बताया कि "मेरी दादी को कई तरह की बीमारियां हैं। हमने इन्हें खाने में प्राकृतिक चीजें दी हैं। हम इन्हें हर 10 मिनट में, आधे घंटे में खाने के लिए कुछ न कुछ देते रहे हैं।" दादी की ताजा कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।

सकारात्‍मक सोच, इलाज और सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना को हराने के लिए इलाज के साथ साथ सकारात्‍मक सोच बनाए रखना ज्‍यादा जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि अगर आप महामारी को अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देंगे और हौसला रखेंगे तो इलाज ज्‍यादा तेजी से असर करेगा। कोरोना पॉजिटिव पेशेंट को चिकित्‍सकों के अनुसार दवा-औषधि, खानपान, व्‍यायाम और नींद लेनी चाहिए। इसके अलावा कोरोना नियमों का पालन बेहद जरूरी है। अगर आप भी नियमों का पालन, खानपान, इलाज पर ध्‍यान देते हैं और सावधानी बरतते हैं तो कोरोना से आसानी से बच सकते हैं।

 

इन बातों का रखें ध्‍यान
दिन में कई बार साबुन से हाथ धोएं।
हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छुएं।
सामाजिक दूरी का पालन करें।
भीड़भाड़ वाली जगहों, बाजार आद‍ि न जाएं।
मास्‍क का इस्‍तेमाल करें, बाद में उसे साफ करें या नष्‍ट कर दें।
खुद को नियमित सैनेटाइज करें।
इम्युनिटी बरकरार करने वाली चीजों का सेवन करें।
खांसते-छींकते समय मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढंक कर रखें।
खांसी-बुखार और जुकाम के लक्षण होते ही डॉक्टर के पास जाएं।
सुगंध या स्‍वाद की क्षमता खोने पर चिकित्‍सक से संपर्क करें।
शुरुआती लक्षण सामने आने पर आइसोलेट हो जाएं।
रिपोर्ट आने के बाद चिकित्‍सक के सुझावों पर अमल करें।
तनाव से बचने के लिए फोन के जरिए परिजनों, मित्रों, शुभचिंतकों के संपर्क में रहें।

 

 

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