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कोरोना की मार से बाहर निकलें और अपनी ऊर्जा को पहचानें

ritamalik
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दुनियाभर में वैश्विक महामारी बनकर फैले कोरोना के प्रकोप से कितने ही लोगों ने अपने रोजगार खो दिए। बेरोजगारी के तो बड़े पैमाने पर बढ़ने के संकेत मिले हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के एक नए आकलन के अनुसार, कोरोना महामारी से उत्पन्न आर्थिक और श्रम संकट वैश्विक बेरोजगारी में लगभग 25 मिलियन तक का इजाफा हुआ है । कोरोना महामारी अब केवल एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट नहीं रही, यह एक बड़ा आर्थिक संकट भी बन गई है जिसका लोगों पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ रहा है।

लोग डर के साये में जी रहे हैं। संस्थान लगातार अपने श्रमिकों की छंटनी में लगे हुए हैं। आज हर कोई इसी डर में है कि जाने कब उसकी नौकरी चली जाए। ऐसे में जिन लोगों की नौकरियाँ अचानक चली गई हैं या रोजगार अचानक बंद हो गए हैं उन्हें आर्थिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। नौकरी न रहने पर भावनात्मक रूप से टूट जाना बेहद स्वाभाविक है, लेकिन आजकल के अनिश्चित माहौल में नौकरी छूट जाना बेहद तनावपूर्ण हो चला है। हालात ये हो गए है कि लोग कंट्रोल मोड में चले गए हैं वे चीजों को नियंत्रित करना चाहते हैं। लेकिन हमें हालातों को समझना होगा कि कुछ परिस्थितियाँ हमारे हाथ में नहीं होती। रोजगार जाने का दुख किसी अपने को खोने के दुख के समान ही होता है। ऐसे में व्यक्ति दुख के किसी भी चरण से गुजर सकता है जैसे - सदमा लगना, गुस्सा आना, परिस्थिति को स्वीकार न करना आदि। कई लोग इस स्थिति में स्वयं को डरा हुआ या अकेला महसूस करते हैं।

ऐसी स्थिति में मानसिक तनाव की अवस्था से बाहर निकालना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके लिए आप खुद को मानसिक रूप से मजबूत करें। आपको ध्यान देना होगा कि पूरी दुनिया अपने-अपने तरीकों से सब कुछ ठीक करने की कोशिशों में जुटी हुई है । जरूरत है तो बस सब्र की। इस दौरान आप अपने रिश्तों को मजबूत रखें । नकारात्मकता को न आने दें । घर-परिवार में एक-दूसरे से बातें करें, एक-दूसरे का ख्याल रखें । किसी की बातों का बुरा न माने। बाहर न भी जा सकते हों तो घर की खिड़कियों और दरवाजों को खुला रखें ताकि नकारात्मक ऊर्जा अंदर न आने पावे। अपनी दिनचर्या को बनाए रखें । ऐसे कठिन समय का पूरा इस्तेमाल अपने उन सपनों को पूरा करने में लगाए जिन्हें आप समयाभाव के चलते पूरा नहीं कर सके ।

हममे से प्रत्येक व्यक्ति अपने आप में अलग हैं, भिन्न विशेषता लिए हुए है. आपको अपनी इस पृथक विशिष्टता का भरपूर आनंद लेना चाहिए, उसके लिए खुश होना चाहिए. आपको कभी भी एस दिखावा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, जो आप हैं ही नहीं. आप कुछ और हैं, इस प्रकार का होने का दिखावा भी नहीं करना चाहिए. आप अन्य लोगों से भिन्न हैं और भिन्न होने के लिए ही पैदा हुए हैं. यह आपको समझना होगा कि आप केवल आप हैं. न तो इस समूची दुनिया में कहीं भी और किसी न किसी व्यक्ति के मन-मस्तिष्क या आत्मा में भी ठीक वैसे ही विचार आ रहे होंगे, जैसे अभी आपको आ रहे हैं और न ही किसी व्यक्ति की स्थितियाँ वैसी होंगी जैसी आपकी हैं. अपने आत्मविश्वास को बनाए रखें क्योंकि जीवन में सफलता पाने के लिए आत्मविश्वास उतना ही ज़रूरी है ,जितना जीने के लिए भोजन. कोई भी सफलता बिना आत्मविश्वास के मिलना असंभव है.

इसलिए अपनी ऊर्जा को पहचानें और अपनी विशिष्टाएँ दूसरों के संग अवश्य साझा करें. याद रहे कि जीवन में अवसर तो सभी को मिलते हैं, किन्तु उनका सही वक्‍त पर सही तरीके से इस्‍तेमाल कुछ ही कर पाते हैं. यदि आपका व्यक्तित्व समाप्त हो जाएगा तो इस सृष्टि में एक शून्य सा रह जाएगा, कहीं न कहीं एक खालीपन रह जाएगा, मनुष्य जाति की उत्पत्ति के लिए बनाई गई योजना में किसी चीज का अभाव रह जाएगा. इसलिए अपनी विशिष्टता को सँजो कर रखो. यह एक ऐसा उपहार है जो प्रकृति ने केवल आपको दिया है. इसलिए जितना हो सके अपने जीवन को विस्तार दें. और याद रहे -

वक्त ने फंसाया है, लेकिन मैं परेशान नहीं हूँ,

हालातों से हार जाऊँ, मैं वो इंसान नहीं हूँ ।।