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इन राज्यों में ऐसे मनाई जाती है नवरात्रि, जानें क्या है खास

पूरे देश में नवरात्रि की चहल-पहल है. विविधताओं से भरे भारत में नवरात्रि के कई रंग देखे जा सकते हैं. कहीं माता की चौकी सजी हुई है, तो कहीं खाने-पीने का पंडाल, वहीं दर्शन करने के लिए मंदिरों में भीड़ देखी जा सकती है. सोशल साइट्स पर डांडिया के रंग से लोग सराबोर दिख रहे हैं. ऐसे में आइए, जान लेते हैं आपके राज्य के अलावा, बाकी राज्यों में कैसे बनाते हैं नवरात्रि.

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पंजाब

पंजाब में नवरात्रि का अर्थ है धार्मिक गीत-संगीत. यहां नवरात्रि पर दिन में कीर्तन और रात में जगराता होता है. शुरूआती 7 दिनों में व्रत रखा जाता है. अष्टमी-नौवी को नौ कन्याओं का पूजन करके उन्हें भोग लगाया जाता है. जिन्हें ‘कंजीका’ नाम से पुकारा जाता है.

गुजरात

नवरात्रि के पहले दिन मिट्टी का एक मटका स्थापित किया जाता है, जिसके अंदर सुपारी, नारियल और चांदी का सिक्का रखा जाता है. मटके के अंदर एक दिया जलाया जाता है. हर रात आस-पास के लोग दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की भी पूजा की जाती है. यहां नवरात्रि में गरबां-डांडिया डांस भी किया जाता है.

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महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में बहुत से लोग अपने घरों में दिया जलाकर रखते हैं. ये दिया लगातार नौ दिन जलता रहता है. दशहरा के दिन घर के पुरुष घर के वाहन, चाकू, दूसरे ज़रूरी टूल्स की पूजा करते हैं. उनका धन्यवाद करते हैं. इसे ‘अयुद्ध’ पूजा कहा जाता है. उत्तर भारत में नवरात्रि में राम लीला होती है. यहां राम और रावण की कहानी बताई जाती है. टीम आती है आर्टिस्ट लोगों की, उनके लिए स्टेज सजते हैं और राम लीला होती है.

बंगाल

बंगाल में नवरात्रि का एक अलग ही महत्व है. यहां की दुर्गापूजा दुनिया भर में मशहूर है. यहां नवरात्र के छह दिनों तक दुर्गा को पूजा जाता है. ये दिन हैं महालय, षष्ठी, महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी. नवरात्रि में शहर भर में हर गली-नुक्कड़ पर पंडाल लगाए जाते हैं. यहां मां दुर्गा की बनाई हुई मूर्तियां दुनियाभर में मशहूर है. पंडालों में दुर्गा माता की इन मूर्तियों के साथ-साथ और देवी-देवताओं की भी मूर्तियां रखी जाती हैं. साथ ही पंडालों में हर साल नई थीम रखी जाती है.

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तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश

इन तीनों राज्यों में नवरात्रि मनाने का तरीका लगभग एक ही है, इन राज्यों में नवरात्रि के समय छोटी-छोटी खिलौने जैसी मूर्तियां बनाई जाती हैं. यहां सिर्फ भगवानों की मूर्तियां ही नहीं बनाई जाती बल्कि यहां मिट्टी के दूल्हा-दुल्हन, घोड़ा, गाड़ी, घर आदि चीजें बनाई जाती है. इन्हें रखने के लिए एक खास तरह का सीढ़ीनुमा स्टेज बनाया जाता है, जहां पर ये सभी मूर्तियां ऑड संख्या में रखी जाती है. इन राज्यों में इस त्योहार को गोलू, बोम्मा गोलू, बोम्बे हब्बा कहा जाता है. नवरात्रि के पहले दिन गणपति, सरस्वती, पार्वती और लक्ष्मी की पूजा और नवमी को माता सरस्वती की पूजा होती है. ...Next

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