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400 फ्लैट, लग्जरी कार और लाखों की रुपए की बरसात, इस कंपनी में मिलेगा दिवाली का ये शानदार गिफ्ट

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हरेकृष्णा एक्सपोर्ट्स के नाम से जानी जाने वाली इन्डस्ट्री ने एक बार फिर अपने कर्मचारियों को दिवाली के बोनस में कार और मकान का तोहफा देने की धोषणा की है. सवजीभाई ढोलकिया नाम के इस व्यापारी की खुद की हीरा और टेक्सटाईल की इंडस्ट्री है और तकरीबन 5500 से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करते हैं.

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कौन हैं सवजीभाई ढोलकिया

सवजी ढोलकिया अमरेती ज़िले के दूधाला गांव के हैं. उन्होंने अपने चाचा से उधार लेकर हीरों का कारोबार शुरू किया था. ढोलकिया रातों रात अरबपति नहीं बने हैं. उन्होंने अपने बेटे द्रव्य को तीन जोड़ी कपड़े और सात हज़ार रुपये देकर कोच्चि भेजा था ताकि वह अपने पैरों पर खड़ा होना सीख सके.

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हीरा और टेक्सटाईल की इंडसट्रीज है

हरेकृष्णा एक्सपोर्ट्स एक बार फिर अपने कर्मचारियों को दिवाली के बोनस में कार और मकान का तोहफा देने की धोषणा की है. सवजी ढोलकिया नाम के इस व्यापारी की खुद की हीरा और टेक्सटाईल की इंडसट्रीज हैं और तकरीबन 5500 से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करते हैं.

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51 करोड़ रुपये बोनस पर खर्च किए

सवजी ढोलकिया ने इस साल 51 करोड़ रुपये बोनस पर ख़र्च किए हैं. कंपनी ने 1716 कर्मचारियों को सर्वक्षेष्ठ कर्मचारी चुना है. ये कंपनी हर साल जी खोलकर बोनस देती है. पिछले साल भी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 200 फ़्लैट और 491 कारें बोनस में दी थीं.

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कंपनी ही करेगी घर की डाउनपेमेंट

कंपनी के चुने गए लकी 1660 कर्मचारी में से 1200 कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी तनख्वाह 10 हजार से लेकर 60 हजार तक है. इनमें से 400 कर्मचारियों को मकान दिया जाएगा. उन्हें अपने घर का डाउनपेमेन्ट नहीं करना होगा. ये कपंनी खुद करेगी, इतना ही नहीं कंपनी हर महीने 5000 के जो इएमआई होगी वो भी कंपनी खुद आने वाले 5 साल तक अदा करेगी.

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कंपनी की नेट वल्यू 6 हजार करोड़

सवजी ढोलकिया वैसे तो सूरत और सौराष्ट्र में सवजीकाका के नाम से जाने जाते हैं. गुजरात के दुधाला गांव के रहने वाले सवजीभाई ने 1977 में 12.50 रुपये लेकर अमरेली से सूरत आये थे. सूरत में सवजीभाई ने 1977 में बतौर हीराधीश अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी. और उस वक्त महीने में उन्हें 169 रुपये पगार के तौर पर मिलते थे. जिस कंपनी में वो काम करते थे उसी कंपनी के मालिक बन गए हैं…Next

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