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खतरनाक प्रोडक्ट्स का पैसे के लिए विज्ञापन करते भारतीय सेलिब्रिटीज और जेम्स बांड!

mithilesh2020
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हमारे देश में यह नई बात नहीं है कि सिर्फ और सिर्फ पैसे की खातिर तमाम सेलिब्रिटीज उन वस्तुओं को भी प्रमोट करते नज़र आ जाते हैं, जो आम जनता के लिए सीधे तौर पर हानिकारक होता है. अगर घुमा फिरा के बात ना की जाए तो हमें नज़र आ जायेगा कि तमाम टॉप ग्रेड स्टार बॉलीवुड के सितारे हों अथवा क्रिकेट खिलाड़ी हों, उनको आप शराब तंबाकू इत्यादि का विज्ञापन करते टेलीविजन या दुसरे माध्यमों पर देख सकते हैं. जाहिर तौर पर वह समाज के प्रति अपनी रिस्पांसिबिलिटी को पैसों की खातिर कब के छोड़ चुके होते हैं. आखिर, हानिकारक प्रोडक्ट्स के विज्ञापन के लिए उन्हें मोटी रकम जो मिलती है, इसलिए वह अपने फैंस को, देश के बच्चों को गुटखा खाने और शराब पीने के लिए प्रेरित करते नज़र आते हैं. पिछले दिनों जब मैगी में हानिकारक तत्व मिलने की बात आई थी तब काफी हो हल्ला हुआ था और उससे जुड़े जिन लोगों ने 'मैगी प्रोडक्ट्स' का विज्ञापन किया था, जिसमें सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित इत्यादि शामिल थे, उन्होंने पूरे मामले पर चुप्पी सी साध ली. इस क्रम में, हॉलीवुड स्टार बन चुकी प्रियंका चोपड़ा ने तो यहां तक कह दिया कि हमें जिस चीज का विज्ञापन करना होगा हम करेंगे अगर लोगों को नहीं खरीदना है तो ना खरीदें! साफ तौर पर यह एक 'खुदगर्ज' बयान था, पर जैसा कि हम सबको मालूम है कि सेलिब्रिटीज का खुदगर्ज होना कोई नई बात तो है नहीं! ऐसे ही भ्रामक विज्ञापनों पर हाल-फिलहाल कानून बनाने की भी बात आई, ताकि ब्रांड एंबेस्डर की कुछ रिस्पांसिबिलिटी तय हो सके, किन्तु मामला "एक कदम आगे और दो कदम पीछे" की तर्ज पर जस का तस दिख जाता है. आज के समय में अगर इन खतरनाक वस्तुओं (तम्बाकू, शराब इत्यादि) का विज्ञापन हम छोड़ भी दें तो नजर आता है कि 'भ्रामक विज्ञापनों' की संख्या में जबरदस्त ढंग से बढ़ोत्तरी हुई है. मसलन किसी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का कोई सेलिब्रिटी विज्ञापन करता है और बाद में अगर उसे धोखाधड़ी हो जाती है तो पब्लिक की सुनने वाला कोई नहीं आता है. ऐसे ही एक मामले में क्रिकेट स्टार महेंद्र सिंह धोनी आलोचना झेल चुके हैं तो बदनाम कंपनियों का केसर, इलायची के नाम पर प्रचार करने वाले इसी 'भ्रामकता' का ही सहारा लेते नज़र आ जाते हैं. Misleading and Dangerous Advertisement, Hindi Article, New, James bond, Pierce Brosnan Act, Pan Bahar, Tobacco Advertisement, Liquor Branding

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कोई बाल उगाने का 'गारंटीड तेल' बेचने का दावा करता है तो कोई एक हफ्ते में 'गोरा' करने की क्रीम देता है. इतना ही नहीं, सुबह-सुबह अधिकांश टीवी चैनलों पर भगवान के नाम पर कई-कई हज़ार के प्रोडक्ट्स को 'लंबा विज्ञापन' बनाकर बेचा जाता है और जाहिर तौर पर हमारे देश की जनता भी इसमें फंसती चली जाती है. न कोई रोकने वाला, न कोई टोकने वाला, जितना पब्लिक को 'मूर्ख' बना लो! खैर यह तो रही हमारे देश के सेलिब्रिटीज की कहानी, लेकिन तब देश-विदेश में लोगों को भारी आश्चर्य हुआ जब फिल्मी पर्दे पर एक से डेंजर विलेन को धूल चटाने वाले, देशों के बीच युद्ध रोकने वाले जासूस एवं परदे पर ही जहाँ तहाँ रोमांस करने वाले जेम्स बॉन्ड 'पियर्स ब्रॉसनन' के ऑफिस ने एक बयान जारी किया कि एक भारतीय पान मसाला कंपनी ने उन्हें धोखे में रखकर 'तम्बाकू' का विज्ञापन करा लिया है. जाहिर तौर पर तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कानपुर की संदर्भित मसाला कंपनी ने इस बात पर अपना सीना चौड़ा कर लिया होगा कि वह दुनिया के सबसे चतुर खिलाड़ी माने जाने वाले जेम्स बांड को अपने लपेटे में ले लिया है. खैर जेम्स बांड द्वारा किया गया यह विज्ञापन तमाम मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खूब चर्चित रहा, किन्तु इसकी कई लोगों ने आलोचना भी की और आलोचना के बाद ही जेम्स बांड के ऑफिस से सफाई आई थी कि उन्हें इस प्रोडक्ट के बारे में धोखे में रखा गया है. खैर यह बात गलत तो नहीं उतरती है कि 'जेम्स बांड' को किसी ने मूर्ख बना दिया, किंतु चूँकि उन्होंने माफी मांग ली और कहा कि वह ऐसी किसी भी चीज का विज्ञापन नहीं करना चाहते हैं या नहीं करेंगे जो लोगों के हित में ना हो. पर असल सवाल हमारे भारतीय सेलिब्रिटी का है कि कैसे ए-ग्रेड के हीरो जिनके लाखों-करोड़ों फैंस है, वह पान मसाले का, शराब का विज्ञापन करते नजर आ जाते हैं और कभी माफी मांगने की जरूरत उन्हें महसूस ही नहीं होती है. वह तो कहते हैं कि 'खूब जमेगा रंग, जब मिल बैठेंगे तीन यार' अथवा 'रॉयल स्टैग, किंगफ़िशर या ब्लेंडर प्राइड' जैसे लिकर ब्रांड्स का सेवन करने से लोग कैसे स्मार्ट हो जाते हैं! Misleading and Dangerous Advertisement, Hindi Article, New, James bond, Pierce Brosnan Act, Pan Bahar, Tobacco Advertisement, Liquor Branding

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बताते चलें कि पियर्स ब्रॉसनन 'जेम्स बॉन्ड' के नाम से मशहूर इस अभिनेता से पहले उसी प्रोडक्ट का बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान प्रमोशन करते थे. ऐसे ही अजय देवगन केसर के दानों की आड़ में विमल पान मसाला, शाहरुख खान पान विलास, अक्षय कुमार इलाइची की आड़ में बाबा पान मसाला जैसे उत्पाद बेच चुके हैं या बेच रहे हैं और बड़ी गहराई से मीडिया में उसका बचाव करते भी नजर आते हैं. खुद बॉलीवुड/ हॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा भी रजनीगंधा कंपनी का विज्ञापन करती नजर आती हैं. हालाँकि कहने को वह चांदी की गोलियों का विज्ञापन करती हैं, लेकिन सभी जानते हैं कि चांदी की गोलियां रोज नहीं खाई जाती है और यह भी कि रजनीगंधा वास्तव में पान मसाले के लिए ही मशहूर है. देखा जाए तो हमारे यहां पैसे की आड़ में एथिक्स और रिस्पांसिबिलिटी जैसी कोई चीज ही नहीं बची है. कंपनियां भी धड़ल्ले से नुकसानदायक उत्पाद बनाती हैं, जिसमें उन्हें खूब प्रॉफिट हो, सेलिब्रिटी उसका विज्ञापन करते हैं, मीडिया भी दारू का व्यवसाय करने वाले विजय माल्या जैसे लोगों को खूब प्रचारित करता है, कई बार पैसे लेकर तो कई बार ग्लैमर की आड़ में! पर सवाल यह उठता है कि क्या वाकई कारपोरेट घरानों और सेलिब्रिटीज की इस मामले में कोई जवाबदेही नहीं बनती है? क्या वाकई सरकार को भी इस मामले में चुप्पी साधे रखना चाहिए? अभी हाल ही में देश के बड़े व्यापारिक घराने टाटा से उनके चेयरमैन सायरस मिस्त्री को बर्खास्त किया गया हैं, जिस से यह ग्रुप काफी चर्चा में है. खैर वह एक अलग मामला है किंतु उसकी इस बात के लिए तो टाटा ग्रुप की दाद देनी ही पड़ेगी कि अपनी साख के मुताबिक यह कभी भी ऐसे व्यापार नहीं करता है जिसे आम जनों का नुकसान हो, मसलन तंबाकू शराब इत्यादि! ऐसे ही कुछ अभिनेता भी हैं जो विवादित चीजों का विज्ञापन नहीं करते हैं. Misleading and Dangerous Advertisement, Hindi Article, New, James bond, Pierce Brosnan Act, Pan Bahar, Tobacco Advertisement, Liquor Branding

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यदि बॉलीवुड अभिनेताओं, देश के स्टार क्रिकेटर्स इत्यादि के अंदर जरा भी सामाजिक जवाबदेही का भाव बचा हो तो उन्हें पियर्स ब्रॉसनन 'जेम्स बांड' के माफी मांगने वाले प्रकरण से जरूर सीख लेनी चाहिए. हाँ, वह पैसा कमाएं, जरूर कमाएं किंतु ऐसी कंपनियों के डायरेक्ट/ इनडाइरेक्ट विज्ञापन करने से परहेज करें जिनसे स्वास्थ्य संबंधी रोग होते हैं, कैंसर होता है, जिनसे बीमारियां फैलती हैं, जिनसे लोग मरते हैं, जिनसे जन-धन की हानि होती है. शायद तभी अपने फैंस के प्रति कुछ हद तक ही सही, वह जवाबदेही का प्रदर्शन कर सकेंगे. इस मामले में सरकार को भी थोड़ा सख्ती से रुख अख्तियार करना चाहिए. जिस तरह से जेम्स बांड (पियर्स ब्रॉसनन) पान मसाले  के विज्ञापन को सरकार ने बैन किया, ठीक वैसे ही भारतीय सेलिब्रिटीज द्वारा किए जा रहे भ्रामक और हानिकारक विज्ञापनों पर उसे तत्काल रोक लगाने का सख्त कानून पारित करना चाहिए और जन अभियान भी शुरू करना चाहिए, ताकि पैसे की खातिर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का दुस्साहस न करें. वैसे बेहतर तो यही होगा कि सेलिब्रिटीज खुद ही जवाबदेही का प्रदर्शन करें और हानिकारक वस्तुओं के विज्ञापन से दूर रहे! आखिर नैतिकता भी तो कोई चीज है ... कि नहीं?

मिथिलेश कुमार सिंह, नई दिल्ली.