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अपनी हिट फिल्म का डायरेक्टर्स कट बनाना चाहते हैं सुधीर मिश्रा, 25 साल पहले रिलीज हुई थी थ्रिलर फिल्म

मशहूर फिल्‍म डायरेक्‍टर सुधीर मिश्रा की 25 साल पहले आई थ्रिलर-ड्रामा फिल्‍म 'इस रात की सुबह नहीं' को जिसने भी देखा है, भुला नहीं सका। माना जाता है कि इस फिल्‍म के साथ ही बॉलीवुड में अंडरवर्ल्‍ड टॉपिक पर बेस्‍ड फिल्‍में बननी शुरू हुई थीं। फिल्‍म ने बॉक्‍स आफिस पर जबरदस्‍त कमाई की थी। डायरेक्‍टर सुधीर मिश्रा अपनी इस हिट फिल्‍म का डायरेक्‍टर्स कट बनाना चाहते हैं।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan8 Jun, 2021

बॉक्‍स ऑफिस पर जबरदस्‍त कमाई
7 जून 1996 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्‍म 'इस रात की सुबह नहीं को' क्रिटिक्‍स ने खूब सराहा था। फिल्‍म में अीभिनेता निर्मल पांडे, तारा देशपांडे और अशीष विद्यार्थी ने मुख्‍य भूमिकाएं निभाई थीं। उस वक्‍त करीब 45 लाख में बनी यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर तहलका मचाने वाली साबित हुई थी। फिल्‍म ने बॉक्‍स ऑफिस पर 1 करोड़ से ज्‍यादा की कमाई की थी। कहा जाता है कि इस फिल्‍म के साथ बॉलीवुड फिल्‍म की कहानियों में अंडरवर्ल्‍ड को दिखाया जाना शुरू हुआ था।

2011 में रिलीज हुआ था सीक्‍वल
सुधीर मिश्रा ने अपनी फिल्‍म के 25 साल पूरे होने पर इसका डायरेक्‍टर्स कट बनाने की इच्‍छा जाहिर की है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार डायरेक्‍टर सुधीर मिश्रा ने कहा कि फिल्‍म सच्‍ची घटना पर बनी थी। उन्‍होंने पहली बार इस बात का खुलासा किया कि फिल्‍म में दिखाई गई घटना उनके भाई सुधांशू के साथ हुई थी, जब वह फिल्‍म इंस्‍टीट्यूट में पढ़ता था। सुधीर मिश्रा इस फिल्‍म का सीक्‍वल 'ये साली जिंदगी' के नाम से 2011 में रिलीज कर चुके हैं। अब वह फिल्‍म का डायरेक्‍टर्स कट बना चाहते हैं।

एक रात की है फिल्‍म की कहानी
फिल्‍म 'इस रात की सुबह नहीं को' में एक रात के पूरे घटनाक्रम को दिखाया गया है। किस तरह लोगों के एक के बाद एक असली चेहरे सामने आते हैं। फिल्‍म में निर्मल पांडे का किरदार गैंग्‍सटर बने अशीष विद्यार्थी का थप्‍पड़ मार देता है और इसके बाद शुरू हो जाता है पूरी रात का खेल। थ्रिलर ड्रामा फिल्‍म को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इसे IMDb पर 6.7/10 रेटिंग मिली है और इस फिल्‍म को अमेजन प्राइम पर देखा जा सकता है।

Film Director Sudhir Mishra.

क्‍या होता है डायरेक्‍टर्स कट
आसान भाषा में डायरेक्‍टर्स कट को समझें तो किसी भी फिल्‍म को डायरेक्‍टर के हिसाब से एडिट कर नए कलेवर में पेश करने को डायरेक्‍टर्स कट कहा जाता है। मसलन, फालतू सीन काट दिए जाएं या पहले हटाए गए सीन जोड़ दिए जाएं, जैसे कॉमेडी फिलर सीन, सांग्‍स आदि। मौटे तौर पर फिल्‍म डायरेक्‍टर की इमैजिनेशन से एडिट की जाए। उसे डायरेक्‍टर्स कट फिल्‍म कहा जाता है। उदाहरण के रूप में इस साल मार्च में हॉलीवुड फिल्‍म जस्टिस लीग का डायरेक्‍टर्स कट जैक सिंडर्स जस्टिस लीग रिलीज किया गया था।...Next

 

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