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संगीतकार और गायक बप्पी लहरी का हुआ निधन, जानें उनकी जिंदगी व करियर से जुड़ी सभी बातें

बालीवुड जगत से एक बार फिर बुरी खबर सामने आई है। बालीवुड के चर्चित संगीतकार और गायक बप्पी लहरी का बुधवार सुबह मुंबई के क्रिट‍ी केयर अस्पताल में निधन हो गया है। बुधवार सुबह डाक्टरों ने इस बात की जानकारी दी।

Geetika Sharma
Geetika Sharma16 Feb, 2022

 

Bappi Lahiri

इस बीमारी से हुआ निधन- दरअसर पिछले एक महीने से बप्पी लहरी का अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन सोमवार को ही उन्हें से डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद मंगलवार देर रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्हें एक बार फिर अस्पताल में भर्ती किया गया। डाक्टरों ने बताया कि वह एसए (आब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया) से पीड़ित थे और इस बीमारी से उनका निधन हुआ है।

ऐसे की करियर की शुरुआत- बप्पी लहरी का जन्म 17 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था। उन्होंने 19 साल की उम्र में सबसे पहले 1972 में बंगाली फिल्म दादू से अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन 1973 में हिंदी फिल्म 'नन्हा शिकारी' के लिए संगीत बनाया। इसके बाद बप्पी लहरी ने 1975 में फिल्म जख्मी के लिए गाना गाया और जिससे उन्हें पहचान भी मिली।

Bappi Lahiri with PM Modi

पीएम और राष्ट्रपति ने जताया शोक-
बप्पी लहरी के निधन पर राजनीतिक जगत ने शोक जताया है। देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और गृह मंत्री अमित शाह ने शोक जताया था। पीएम मोदी ने कहा कि उनका संगीत विविध भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त करता था। उन्होंने कहा कि वह दुखी हैं और उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की है। बालीवुड जगत की सभी हस्तियों ने शोक प्रकट किया है।

राजनीति में आजमाया हाथ-
साल 2014 में बप्पी लहरी ने राजनीति में अपना हाथ आजमाया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में बप्पी सहरी ने बीजेपी की टिकट पर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की श्रीरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह जीत नहीं पाए थे। इससे पहले उन्होंने 2004 में कांग्रेस के लिए भी कैंपेन किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि 10 साल पहले देश में कांग्रेस की लहर थी और आज मोदी लहर थी।

Gold lover Bappi Lahiri

इस कारण से सोने के थे शौकिन-
बप्पी लहरी अपने संगीत के अलावा अपने सोने को लेकर भी जाने जाते थे। वह हमेशा काफी ज्यादा सोना पहन के रखते थे और सोने के काफी शौकिन  थे। वह अपने लिए सोने को लक्की भी मानते थे। इसके साथ-साथ वह अमेरिकन राक स्टार एल्विस प्रेसली के बड़े फैन थे। एल्विस अपनी परफार्मेंस के दौरान एक सोने की चैन पहना करते थे, उन्होंने ने भी कामयाब होने के बाद अलग पहचान बनाने का सोचा था।

डिस्कों किंग के नाम से थे चर्चित- बप्पी लहरी ने 1980 से 90 के दशक में बालीवुड के लिए बहतरीन गाने कंपोज किए है। बप्पी दा को बालीवुड इंडस्ट्री का 'डिस्को किंग' भी कहा जाता है। उन्होंने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ बंगाली, गुजराती, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और तमिल फिल्मों के लिए भी अपना संगीत दिया और गाने गाए हैं। उन्होंने अपने करियर में किल 5 हजार गाने कंपोज किए हैं।

बप्पी लहरी के 10 लोकप्रिय गाने:-


  • भंकस

  • ऊ ला ला

  • दे दे प्यार दे 

  • तूने मारी एंट्रियां

  • तम्मा तम्मा लोगे

  • जब से मिले नैना

  • यार बिना चैन कहां रे

  • चलते चलते मेरे ये गीत

  • आई एम ए डिस्को डांसर

  • बंबई से आया मेरा दोस्त