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कभी सचिन से हुई थी इस खिलाड़ी की तुलना, अब डिप्रेशन की वजह से छोड़ा क्रिकेट

कहते हैं जब किस्‍मत मेहरबान होती है, तो सितारे अपने आप बुलंदियों पर पहुंच जाते हैं, लेकिन जब किस्‍मत नाराज हो जाए, तो सितारे गर्दिश में आ जाते हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति का सामना इन दिनों भारत के एक उभरते बल्‍लेबाज को करना पड़ रहा है। कभी इस बल्‍लेबाज की तुलना सचिन तेंदुलकर से की गई थी और आज उसी ने क्रिकेट खेलना ही छोड़ दिया। फॉर्म खराब होने के बाद इस बल्‍लेबाज को कई ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ा, जिससे वह अवसाद (डिप्रेशन) में चला गया। आइये आपको बताते हैं उस क्रिकेटर के बारे में, जो अब क्रिकेट से दूर है।

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1009 रनों की पारी खेलकर रचा था इतिहास

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डिप्रेशन की वजह से क्रिकेट छोड़ने वाला उभरता क्रिकेटर कोई और नहीं, बल्कि प्रणव धनवाड़े हैं, जिन्‍होंने नाबाद 1009 रनों की पारी खेलकर सुर्खियां बटोरी थी। महज 15 साल की उम्र में अंतर स्कूल टूर्नामेंट में नाबाद 1009 रन जड़ चुके प्रणव क्रिकेट इतिहास में चार अंकों का स्कोर बनाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। इस पारी के बाद उनकी तुलना सचिन से की जाने लगी थी। मगर कभी क्रिकेट मैदान पर गेंदबाजों में दहशत फैलाने वाले प्रणव आज परिस्थितियों के आगे खुद घुटने टेक चुके हैं। जबरदस्‍त तनाव के चलते प्रणव क्रिकेट खेलना छोड़ चुका है।

MCA ने बंद कर दी स्‍कॉलरशिप

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प्रणव ने मुंबई क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित भंडारी कप अंतर स्कूल टूर्नामेंट में आर्य गुरुकुल के खिलाफ केसी गांधी हायर सेकेंडरी स्कूल की तरफ से खेलते हुए महज 323 गेंदों पर यह स्कोर बनाया। इस दौरान उसका स्ट्राइक रेट 312.38 रहा। इस पारी में उसने 59 छक्के और 129 चौके मारे थे। प्रणव की शानदार बल्लेबाजी को देखते हुए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने उसे हर महीने 10 हजार रुपये की स्कॉलरशिप देनी शुरू की, ताकि वह पढ़ाई और खेल जारी रख सके। मगर इसके बाद खराब फॉर्म के चलते प्रणव को दरकिनार कर दिया गया। इतना ही नहीं एआईआर इंडिया और दादर यूनियर ने भी प्रणव को अपने यहां नेट प्रैक्टिस से रोक दिया। इसके चलते वह गहरे अवसाद में आ गया और अंतत: क्रिकेट खेलना ही छोड़ दिया।

ऑटो रिक्‍शा ड्राइवर हैं प्रणव के पिता

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प्रणव के पिता प्रशांत धनवाड़े ने जब एमसीए को स्कॉलरशिप फिर से देने के लिए पत्र लिखा, तो जवाब आया कि जब प्रणव फिर से शानदार फॉर्म में होगा तो इसे जारी रखा जाएगा। बता दें कि प्रणव के पिता ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं। हालांकि, प्रणव के कोच मोबिन शेख का कहना है कि 16 साल के इस खिलाड़ी को वे लगातार मोटिवेट करने की कोशिश कर रहे हैं। सुर्खियों में छाने के बाद प्रणव अपना फोकस काफी हद तक खो चुका है। लगातार आलोचना भी इसकी एक वजह है, लेकिन मुझे यकीन है कि अगले साल तक प्रणव शानदार फॉर्म में होंगे...Next

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