सिवान में भूमि निबंधन के मूल दस्तावेज होंगे विनष्ट

जिले में 1990 से 2019 तक करीब 49 हजार 6 ऐसे भूमि निबंधन के मूल दस्तावेज हैं जिसे भूमि निबंधन कराने के बाद अब तक उसे निबंधन कार्यालय से लोगों ने प्राप्त नहीं किया है। ऐसी स्थिति में उन दस्तावेजों का विभाग विनिष्ट करने की तैयारी में है। ऐसे में सूचना जारी कर विभाग निबंधन महानिरीक्षक से अनुमोदन की तैयारी में जुट गया है।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 11:20 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 11:20 PM (IST)
सिवान में भूमि निबंधन के मूल दस्तावेज होंगे विनष्ट

सिवान । जिले में 1990 से 2019 तक करीब 49 हजार 6 ऐसे भूमि निबंधन के मूल दस्तावेज हैं जिसे भूमि निबंधन कराने के बाद अब तक उसे निबंधन कार्यालय से लोगों ने प्राप्त नहीं किया है। ऐसी स्थिति में उन दस्तावेजों का विभाग विनिष्ट करने की तैयारी में है। ऐसे में सूचना जारी कर विभाग निबंधन महानिरीक्षक से अनुमोदन की तैयारी में जुट गया है। जैसे ही अनुमोदन होगा इन दस्तावेजों को नष्ट कर दिया जाएगा। विभाग 2019 के बाद भूमि निबंधन के मूल दस्तावेज नहीं ले जाने वालों की सूची अलग से तैयार कर रहा है। इसे भी सूचना जारी करने के बाद विनिष्ट करने की तैयारी विभाग करेगा। फिलहाल पुराने दस्तावेजों पर विभाग की नजर है। गौर करने वाली बात है कि विभाग का नियम है कि भूमि निबंधन कराने के दो साल के अंदर मूल प्रति को प्राप्त कर लेना है। ऐसे में 29 वर्षों में भूमि निबंधन कराकर 49 हजार दस्तावेज यानी परिदान के लिए किसी ने दावेदारी नहीं पेश की। जिले में सिवान, दरौली, बसंतपुर, रघुनाथपुर, बड़हरिया, महाराजगंज निबंधन कार्यालय है।

दस्तावेज लेने के लिए ये कागजात लाना होगा साथ

अगर कोई व्यक्ति दस्तावेज के लिए दावा पेश कर रहा है, तो निबंधन कराने, बिक्री करने व खरीदने वाले को साथ कार्यालय में आना होगा। साथ ही भूमि निबंधन के समय रसीद यानी चिरकूट जो मिला था उसे साथ लाना होगा। अगर भूमि खरीदने व बेचने वाले का देहांत हो गया है, तो उसके उत्तराधिकारी को साथ लाना होगा। कहते हैं अधिकारी

1990 से 2019 तक के करीब 49 हजार 6 दस्तावेज ऐसे हैं जिसे भूमि निबंधन के बाद किसी ने कार्यालय से प्राप्त नहीं किया है। ऐसे में विभाग का नियम है कि भूमि निबंधन के दो साल के अंदर इसे कार्यालय से प्राप्त कर लेना है। अब इन दस्तावेजों को कोई नहीं ले जाएगा तो महानिरीक्षक के अनुमोदन के बाद विनिष्ट कर दिया जाएगा।

तारकेश्वर पांडेय,

जिला अवर निबंधन, सिवान।

Edited By Jagran

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