सीतामढ़ी में बेटियों का संकल्प, बाल विवाह मुक्त हो हमारी पंचायत

सीतामढ़ी। जिले में बाल विवाह के छिटपुट मामले सामने आने के बाद परिहार प्रखंड में बेटियों ने बड़ी पहल की है।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 11:29 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 11:29 PM (IST)
सीतामढ़ी में बेटियों का संकल्प, बाल विवाह मुक्त हो हमारी पंचायत

सीतामढ़ी। जिले में बाल विवाह के छिटपुट मामले सामने आने के बाद परिहार प्रखंड में बेटियों ने बड़ी पहल की है। परिहार प्रखंड की बाया समेत आसपास की पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। करीब चार माह पहले उन्होंने इसकी शुरुआत की थी। इससे 100 से अधिक लड़कियां जुड़ी हैं। ये समूहों में बंटकर गांवों में लोगों को बाल विवाह, दहेज, शराब जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक करती हैं। मैट्रिक और इंटरमीडिएट में पढ़ने वाली ये बेटियां कम उम्र में विवाह और शराब के शारीरिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर चर्चा करती हैं।

-------------------------------------

प्रथम संस्था की पहल पर किशोरी समूह का हुआ गठन

प्रथम संस्था की पहल पर किशोरी समूह का गठन हुआ। इसमें 50 से अधिक लड़कियां जुड़ीं हैं। ये अलग-अलग समूह में गांव में घर घर जाकर बाल विवाह, भ्रूण हत्या, दहेज, शराब जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लोगों को जागरूक करती हैं। मैट्रिक और इंटरमीडिएट में पढ़ने वाली बेटियां कम उम्र में विवाह और शराब के शारीरिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर भी चर्चा करती हैं। इतना ही नहीं विभिन्न कारणों से स्कूल छोड़ चुके बच्चों को भी पुन: विद्यालय से जोड़ने की मुहिम भी चलाती हैं। समूह से जुड़ी लड़कियां उत्साहित एवं आत्मविश्वास से भरी नजर आती हैं। इनकी मानें तो प्रयासों का सुखद असर भी सामने आ रहा है। लोग इनकी बातों को न सिर्फ सुनते हैं, बल्कि हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दे रहे हैं। -- रितु कुमारी ने बताया कि बाल विवाह दहेज प्रथा कन्या भ्रूण हत्या शिक्षा के अतिरिक्त कोरोना व कोविड टीकाकरण आदि को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शुरू में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब लोग उनकी बातों को गंभीरता से लेने लगे हैं।

-- पुष्पा कुमारी ने बताया कि हमने पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। हम इसे हर हाल में पूरा करके दिखाएंगे। मुख्यमंत्री के समाज सुधार अभियान से भी हमें प्रेरणा मिल रही है।

-- प्रखंड में आते रहते हैं बाल विवाह के मामले -- प्रखंड में गाहे-बगाहे बाल विवाह के मामले सामने आते रहते हैं। जागरूकता की कमी एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों से अनभिज्ञ होने के कारण कई सारे लोग कम उम्र में ही बेटियों की शादी कर अपनी जवाबदेही उसे छुट्टी पा लेना चाहते हैं। करीब 2 वर्ष पूर्व प्रखंड के बाया पंचायत के फुल हटा गांव में एक बाल विवाह का मामला सामने आया था। करीब 1 वर्ष पूर्व बेला खुर्द में भी इस तरह का मामला सामने आया। वही 7 माह पूर्व प्रखंड के बराही गांव में भी बाल विवाह का एक मामला सामने आया था। हालांकि इन तीनों मामलों में चाइल्डलाइन एवं अन्य संस्थाओं की पहल पर प्रशासन के सहयोग से बाल विवाह रुक गया था।

-----------------------------

-- गांव की लड़कियों की यह पहल सराहनीय है। इनको हर तरह से सहयोग किया जाएगा। महिला मुखिया होने के नाते मेरी जवाबदेही गांव की बेटियों के प्रति और अधिक बढ़ गई है। पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने के प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जोरदार अभियान चलाया जाएगा।

मनटूटिया देवी, मुखिया, बाया पंचायत, परिहार प्रखंड।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम