सीतामढ़ी समेत अन्य जिलों में राजस्व कर्मचारी व अमीन का तबादला नहीं होने से मंत्री खफा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामसूरत राय का कहना है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अमीनों के स्थानांतरण का आदेश दिसंबर के मध्य में ही दिया गया मगर सुनने में आ रहा है कि कई जिलों में अब भी ये कर्मचारी अपनी जगह पर कुंडली मार बैठे हुए हैं और संबंधित अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 01:29 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 01:29 AM (IST)
सीतामढ़ी समेत अन्य जिलों में राजस्व कर्मचारी व अमीन का तबादला नहीं होने से मंत्री खफा

सीतामढ़ी । राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामसूरत राय का कहना है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अमीनों के स्थानांतरण का आदेश दिसंबर के मध्य में ही दिया गया, मगर सुनने में आ रहा है कि कई जिलों में अब भी ये कर्मचारी अपनी जगह पर कुंडली मार बैठे हुए हैं और संबंधित अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में रविवार को मंत्री ने कहा कि शिवहर के जिलाधिकारी ने 12 जनवरी को ही स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया, जबकि सीतामढ़ी में सुनवाई नहीं हुई है। मंत्री ने माना कि यह गंभीर मामला है। मंत्री ने यह भी कहा कि 29 नवंबर को मैंने आदेश जारी किया फिर 13 दिसंबर को हमारे विभाग से निर्देश गया, मगर कई जिलों में अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं करने की सूचना मिल रही है। मंत्री ने माना कि राजस्व कर्मचारियों के जिम्मे सरकार के राजस्व से संबंधित बेहद अहम जिम्मेदारी हैं तथा भूमि से संबंधित कार्यों के लिए उनसे आम लोगों का सीधा जुड़ाव है। एक ही जगह कुंडली मार बैठे रहने से व्यवस्था पंगु बन जाती है और जनता में आक्रोश भी पनपता है जिससे सरकार की छवि धूमिल होती है। एकबार फेरबदल हो जाए तो रिक्त पदों पर बहाली की प्रक्रिया में तेजी आएगी। ------------------------------------ मंत्री के आदेश के बाद विभाग ने भी 13 दिसंबर को समाहर्ता को भेजी चिट्ठी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यालय कक्ष में 29 नवंबर को विधानसभा/ विधान परिषद के सदस्यों से प्राप्त प्रश्नों के संबंध में समीक्षात्मक बैठक के क्रम में यह मामला संज्ञान में आया कि लगातार तीन साल या इससे अधिक समय तक एक ही अंचल में कई राजस्व कर्मचारी पदस्थापित हैं। जिला स्तरीय संवर्ग राजस्व कर्मचारी एवं अमीन के स्थानांतरण एवं पदस्थापन के संबंध में पूर्व में ही व्यवस्था लागू है बावजूद इसपर संज्ञान क्यों नहीं लिया जा रहा यह बेहद आपत्तिजनक है। विभागीय मंत्री ने 29 नवंबर, 2021 को समीक्षात्मक बैठक के दौरान ही राजस्व कर्मचारियों के पदस्थापन एवं स्थानांतरण की कार्रवाई का आदेश जारी किया। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त निदेशक सह अपर सचिव नवल किशोर ने 13 दिसंबर को इस निमित सभी जिलों के समाहर्ता को पत्र लिखा।

--------------------------- हाल ही मुजफ्फरपुर में रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ राजस्व कर्मचारी सरकार भी इस बात से वाकिफ है कि विभिन्न अंचलों में तैनात कई राजस्व कर्मचारी दबंगई के बल पर कई-कई अटार्नी (निजी स्टाफ) रखे हुए हैं तथा किराए पर मकान लेकर समानांतर दफ्तर चला रहे हैं। अंचल कार्यालय में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता। सीतामढ़ी के डुमरा, रीगा, बथनाहा, मेजरगंज, सोनबरसा, रुन्नीसैदपुर आदि प्रखंडों से निगरानी विभाग को तमाम शिकायतें भी मिली हैं। जमीन रजिस्ट्री में बड़ा खेल हो रहा है। मुजफ्फरपुर के कांटी में रिश्वत लेते एक राजस्व कर्मचारी को निगरानी ने गिरफ्तार कर लिया। वह सस्पेंड हो चुका है। बताया गया है कि कांटी राजस्व कर्मचारी अजीत कुमार मुशहरी अंचल में प्रतिनियुक्त था। जमाबंदी के 15 मामलों में सुधार को लेकर उसने कुमार अभिमन्यु नामक व्यक्ति से 50 हजार रुपये मांगे थे।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept