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राम जानकी मंदिर की मूर्ति बरामदगी की मांग को ले खैरा बाजार बंद

नगरा। खैरा में थाना परिसर स्थित राम जानकी मंदिर से भगवान श्रीराम माता जानकी एवं लक्ष्मणजी की मूर्ति चोरी से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोग पुलिस की लापरवाही व मंदिर पर आने जाने वाले असमाजिक तत्वों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने को ही मूर्ति चोरी का कारण बता रहे हैं। घटना के दूसरे दिन मूर्ति चोरी के विरोध व बरामदगी की मांग को लेकर खैरा बाजार बंद रहा।

By JagranEdited By: Published: Sun, 05 Dec 2021 11:58 PM (IST)Updated: Sun, 05 Dec 2021 11:58 PM (IST)
राम जानकी मंदिर की मूर्ति बरामदगी की मांग को ले खैरा बाजार बंद
राम जानकी मंदिर की मूर्ति बरामदगी की मांग को ले खैरा बाजार बंद

नगरा। खैरा में थाना परिसर स्थित राम जानकी मंदिर से भगवान श्रीराम, माता जानकी एवं लक्ष्मणजी की मूर्ति चोरी से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोग पुलिस की लापरवाही व मंदिर पर आने जाने वाले असमाजिक तत्वों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने को ही मूर्ति चोरी का कारण बता रहे हैं। घटना के दूसरे दिन मूर्ति चोरी के विरोध व बरामदगी की मांग को लेकर खैरा बाजार बंद रहा। दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी। जिसमें न तो किसी ने नेतृत्व किया और नहीं किसी ने इसके लिए अपील की। दुकानदारों ने खुद ही दुकानें बंद रखी । जिससे आम दिनों में चहल पहल वाले खैरा बाजार में रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। यहां तक कि ग्राहक भी नहीं आए । मंदिर के महंत रामदास ने बताया महज 9050 रुपये में खरीदी गई थी मूर्ति

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खैरा राम जानकी मंदिर से मूर्ति चोरी का मामला सुलझने के बजाय उलझते जा रहा है। 03 दिसंबर की रात मूर्ति चोरी हुई। दूसरे दिन शनिवार की सुबह पुजारी नारायण दास ने थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। तब इन मूर्तियों को मूल्यवान बताया गया। स्थानीय लोग इसे लाखों रुपये कीमत वाली मूर्ति बता रहे थे। एक दिन रविवार को मंदिर का महंत बता रहे खैरा निवासी रामदास ने थानाध्यक्ष को संबोधित आवेदन दिया। जिसमें मूर्ति की कीमत सिर्फ 9050 रुपये बताई गई। बताया गया है कि मूर्ति की खरीद वर्ष 1975 में दान में मिली राशि से वाराणसी से की गई थी। यह भी बताया है कि भगवान श्रीराम की मूर्ति काले पत्थर की है। जबकि मां सीता एवं लक्ष्मणजी की मूर्ति पीतल की है। 10 इंच उंची इन तीन मूर्तियों में लक्ष्मणजी की मूर्ति का एक हाथ खंडित है।


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