क्रांति के अग्रदूत थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस

संवाद सूत्र सहरसा रविवार को शहर के रिफ्यूजी कोलोनी चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 06:35 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 06:35 PM (IST)
क्रांति के अग्रदूत थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस

संवाद सूत्र, सहरसा: रविवार को शहर के रिफ्यूजी कोलोनी चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। जनप्रतिनिधियों ने नेताजी सुभाष चौक पर उनकी स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचार मंच द्वारा आयोजित जयंती समारोह को संबोधित करते हुए सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजादी आंदोलन में क्रांति के अदम्य साहस के बल पर देश को एक नई सोच और नई दिशा प्रदान किया। सुभाष चंद्र बोस ने ही सबसे पहले धर्मनिरपेक्ष, समाजवाद सोच की परिकल्पना की थी। नेताजी क्रांति के अग्रदूत थे। आज की युवाओं को नेताजी के जीवन से सीखने की जरूरत है।

बोस विचार मंच के संयोजक मनीष कुमार की अध्यक्षता एवं युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुदीप कुमार सुमन के संचालन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के कला संस्कृति युवा मंत्री डा. आलोक रंजन ने कहा कि देश एवं युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस। त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति के रूप में विश्व भर में हमेशा याद किए जाएंगे नेताजी। जिनकी पूरी जिदगी एक संघर्ष गाथाओं से भरी पड़ी है। जिसको पढ़ना आज की पीढ़ी खासकर युवाओं को अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन को आत्मसात करने की अपील की। पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने नेता जी की जीवन संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में जातिवाद, धर्मवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं को आना ही नेताजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि आज समाज में एकता भाईचारा की कमी आई है जिसे दूर करना है तो सिर्फ नेता जी के विचारों को आत्मसात करना होगा 7 सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक संजीव झा ने कहा कि नेताजी की सोच एवं परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने आयोजक के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जातिवाद, धर्मवाद, संप्रदायवाद और दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर यह कार्यक्रम लगातार वर्षों से होता आ रहा है। जिसमें सभी जाति धर्म और दल के लोग एक मंच से नेता जी की जीवन और विचारों को आत्मसात करने का काम करता है।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव डा. तारानंद सादा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहते हुए अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद समेत कई क्रांतिकारी कदम आज भी प्रासंगिक है। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कैसर कुमार सिंह ने इस मौके पर समाज के युवाओं से गलत रास्ता को छोड़ने और नेताजी के बताए रास्ते पर चलने की अपील की।

कार्यक्रम को समाजसेवी रमन झा, जदयू जिला उपाध्यक्ष अंजुम हुसैन, रेवती रमण सिंह, अमर यादव, भाजपा उपाध्यक्ष विजय बसंत, वार्ड आयुक्त विनय ठाकुर, आयुक्त प्रतिनिधि जयप्रकाश यादव, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष विराज कश्यप, घनश्याम कुमार, नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचार मंच के संजय सिंह माया, राजू सिंह, मनोज यादव, सनोज यादव, रजनीश कुमार मन्ना, नीतीश कुमार, सुनील कुमार, मुन्ना सिंह, सुजीत सान्याल, मोनू झा, विकास मिश्रा, रोटी बैंक के रोशन कुमार उर्फ माधव, अजय कुमार आदि ने संबोधित किया।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept