फर्जी कागजात पर रेलवे इंजन की बिक्री मामले की जांच को पहुंचे रेल आइजी

जागरण संवाददाता पूर्णिया समस्तीपुर रेल मंडल के एक इंजीनियर द्वारा फर्जी कागजात पर एक रे

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 07:43 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 07:53 PM (IST)
फर्जी कागजात पर रेलवे इंजन की बिक्री मामले की जांच को पहुंचे रेल आइजी

जागरण संवाददाता, पूर्णिया : समस्तीपुर रेल मंडल के एक इंजीनियर द्वारा फर्जी कागजात पर एक रेल इंजन बेच दिए जाने संबंधी मामले की जांच को मंगलवार को हाजीपुर से रेलवे आइजी एफ मयंक पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां मौजूद आरपीएफ के अधिकारियों के साथ रेल कर्मियों से भी बातचीत की और मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस मामले में पूर्व में ही सात लोगों को नामजद किया जा चुका है। आरपीएफ थाना बनमनखी में यह प्राथमिकी दर्ज है। इसमें तीन नामजदों की गिरफ्तारी पूर्व में हो चुकी है, शेष की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी चल रही है। आइजी ने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा ।

बता दें कि समस्तीपुर लोको डीजल शेड के इंजीनियर राजीव रंजन झा ने वहां तैनात एक दारोगा व अन्य कर्मियों की मिलीभगत पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर मौजूद पुराना वाष्प इंजन को बेच दिया था। इंजीनियर पूरी सफाई से डीएमई के फर्जी पत्र का सहारा लेकर यह खेल खेला था। 14 दिसंबर को हुई इंजन की इस अवैध बिक्री का राज दो दिन पूर्व खुला था। ऐसे में पूर्णिया कोर्ट स्टेशन के आउट पोस्ट प्रभारी एम एम रहमान के आवेदन पर इस संदर्भ की प्राथमिकी बनमनखी आरपीएफ पोस्ट में दर्ज की गई थी। इसमें इंजीनियर, शेड पर तैनात दारोगा समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। इधर आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के दो दिन बाद ही गुलाबबाग से इंजन का हाइड्रा बरामद कर लिया था। साथ ही जिस ट्रक से इंजन का स्क्रैप ढोया गया था, उसे भी पटना के समीप से बरामद कर लिया था।

जानकारी के अनुसार एक वाष्प इंजन पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर लंबे समय से पड़ा हुआ था। 14 दिसंबर को इंजीनियर राजीव रंजन झा यहां पहुंचे थे और इंजन को कटवाने लगे थे। इस पर आउट पोस्ट प्रभारी एमएम रहमान ने जब उन्हें रोका तो इस बाबत उसने पोस्ट प्रभारी को डीएमई का फर्जी पत्र दिखा दिया था। इधर बाजार में इंजन की बिक्री के बाद एक खाली पिकअप की इंट्री समस्तीपुर लोको डीजल शेड में वहां तैनात दारोगा समेत कुछ कर्मियों की मिलीभगत से करा दी गई थी। बाद में वहां तैनात एक महिला कर्मी ने जब बिना सामान ही गाड़ी की इंट्री वहां देखी तो उसने तत्काल इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept