पटना में रामलखन पथ पर एक पुलिया से नहीं चल रहा काम, रोज लग रहा जाम

भोजपुर कॉलोनी स्थित रामलखन पथ पर सुबह-शाम लगने वाली जाम से लोग परेशान हैं। यह पथ न्यूबाइपास के दक्षिण और उत्तरी आबादी के लिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद सीधे मीठापुर बस स्टैंड का रास्ता ही शहर के अंदर आने के लिए बचता है जो हमेशा जाम रहता है।

Akshay PandeyPublish: Mon, 30 Nov 2020 05:16 PM (IST)Updated: Mon, 30 Nov 2020 05:16 PM (IST)
पटना में रामलखन पथ पर एक पुलिया से नहीं चल रहा काम, रोज लग रहा जाम

पटना, जेएनएन। भोजपुर कॉलोनी स्थित रामलखन पथ पर सुबह-शाम लगने वाली जाम से लोग परेशान हैं। यह पथ न्यूबाइपास के दक्षिण और उत्तरी आबादी के लिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद सीधे मीठापुर बस स्टैंड का रास्ता ही शहर के अंदर आने के लिए बचता है, जो हमेशा जाम रहता है। इसलिए अधिकांश लोग इसी पथ का उपयोग करते हैं। यहां बरसात में सड़क को काटकर एक छह फीट की पुलिया बना दी गई। छह फीट में दोतरफा आवाजाही नहीं हो पा रही है। इसलिए सुबह-शाम भारी जाम लग रहा है। साथ ही यहां वर्षों से तैयार एक अंडरपास भी चालू नहीं किया जा रहा है। इससे भी सड़क पार करने में मुश्किल आ रही है। 

सड़क पर भारी दबाव

रामकृष्ण नगर के निवासी डॉ. उमेश नाथ द्विवेदी ने कहा कि रामकृष्ण नगर, सोरंगपुर, शेखपुरा, शाहपुर आदि मोहल्ले के लोग शहर के अंदर जाने के लिए रामलखन पथ का ही उपयोग करते हैं। छह फीट की पुलिया रहने से दोनों तरफ से आनाजाना मुश्किल हो रहा है। वाहनों के दबाव के कारण यह पुलिया बरसात के बाद तीन बार टूट चुकी है। फिर चरमराई हुई है। कभी भी टूट सकती है। यहां एक और पुलिया होनी चाहिए। स्थानीय नागरिक शैलेश चौबे, बीरू सिंह, शैलेंद्र यादव, संजीव शरद, आनंद कश्यप, राहुल कश्यप ने कहा कि यहां वर्षों से तैयार एक अंडरपास बंद है। इसमें मिट्टी भरी है, सिर्फ हटा देने से चालू हो जाएगा लेकिन फिर भी चालू नहीं किया जा रहा है। एक ही अंडरपास से काम चल रहा है, जिससे सड़क पार करने में लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि रामलखन पथ के आसपास सड़क पार करने के दौरान कई हादसे हो चुके हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है, फिर भी कंकड़बाग स्थित नगर निगम का कार्यालय इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। शैलेश चौबे ने कहा कि हमारी मांग है कि रामलखन पथ पर एक और लोहे की पुलिया शीघ्र बनाई जाए, साथ ही दूसरे अंडरपास को भी चालू किया जाए। 

Edited By Akshay Pandey

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