Tejashwi Yadav Marriage: कौतूहल में लिपटी एक खुशी, वह भी चट मंगनी-पट ब्याह वाली

विवाह धूमधाम से करने वाले लालू से ऐसी खबर की उम्मीद किसी को नहीं थी। पहली बेटी मीसा भारती (वर्तमान में राज्यसभा सदस्य) के विवाह में पूरा पटना सजाया गया था। यह माना गया कि दूसरे धर्म में विवाह के कारण गोपनीयता बरती गई लेकिन शंका निमरूल ही थी।

Sanjay PokhriyalPublish: Sat, 11 Dec 2021 09:59 AM (IST)Updated: Sat, 11 Dec 2021 02:15 PM (IST)
Tejashwi Yadav Marriage: कौतूहल में लिपटी एक खुशी, वह भी चट मंगनी-पट ब्याह वाली

पटना, आलोक मिश्र। बिहार में बुधवार की सुबह दिल्ली से आए एक समाचार ने चर्चा को आवाज दे दी। समाचार खुशी का था, लेकिन कौतूहल में लिपटा कि तेजस्वी यादव शादी कर रहे हैं, वह भी चट मंगनी-पट ब्याह वाली। हर तरफ यही जिज्ञासा कि दुल्हन कौन? टुकड़ों-टुकड़ों में बाहर आती लालू परिवार की इस आखिरी शादी की जानकारियां जोड़ कर बढ़ाने का क्रम तेज हो गया। मौजूदा समय में दलों की राजनीतिक विवशताओं के बीच आए इस समाचार ने हर किसी के चेहरे पर एक मुस्कान दे दी।

लालू प्रसाद के राजनीतिक वारिस तेजस्वी यादव उनकी नौ संतानों में आठवें नंबर पर हैं। सबको उनके विवाह का इंतजार था। बीच-बीच में उनके विवाह को लेकर चुहल भी होती रहती थी। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू (जनता दल यूनाइटेड) के साथ मिलकर जब राजद (राष्ट्रीय जनता दल) सत्ता में आया और तेजस्वी उप मुख्यमंत्री बने तो उनके पास पथ निर्माण विभाग भी था। टूटी सड़कों की जानकारी के लिए जब उन्होंने एक वाट्सएप नंबर जारी किया तो उस समय लगभग 44 हजार लड़कियों ने फोटो सहित अपना विवरण भेज दिया था। तेजस्वी की शादी के बारे में पूछे जाने पर एक बार राबड़ी देवी ने कहा था कि चिराग (रामविलास पासवान के पुत्र) बड़े हैं, पहले उनकी शादी हो तब तेजस्वी की भी हो जाएगी। चिराग तो अभी कुंवारे ही हैं, लेकिन तेजस्वी अब गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर गए। गुरुवार को दिनभर बिहार में हर्षोल्लास का माहौल रहा। उनके विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में महिलाओं ने मंगल गीत गाए और कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जानकारी मिलने पर बधाई दी।

बुधवार को जब बात बाहर आई कि अगले ही दिन सारे मंगल कार्य पूरे होने हैं तो सभी हतप्रभ रह गए। हर विवाह धूमधाम से करने वाले लालू से ऐसी खबर की उम्मीद किसी को नहीं थी। पहली बेटी मीसा भारती (वर्तमान में राज्यसभा सदस्य) के विवाह में पूरा पटना सजाया गया था। यह माना गया कि दूसरे धर्म में विवाह के कारण गोपनीयता बरती गई, लेकिन शंका निमरूल ही थी। सभी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने बधाई दी। विधानसभा चुनाव में अपनी हर सभा में जाति-धर्म की दीवार तोड़ एक सूत्र में सबको पिरोने का वादा करने वाले तेजस्वी के इस कदम को प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने यह कहकर सराहा कि उन्होंने मिसाल कायम की है। माना जा रहा है कि तेजस्वी की पत्नी रचेल अब राजश्री नाम से जानी जाएंगी। इस विवाह पर चिराग ने कहा है कि वे डंके की चोट पर अपना विवाह करेंगे, गुपचुप नहीं। हालांकि लालू को जानने वाले मान रहे हैं कि तेजस्वी का पत्नी के साथ पटना आने पर हर बार की तरह इस बार भी भव्य आयोजन होगा।

इस समय बिहार में राजनीतिक सन्नाटा बिखरा है। हर राजनीतिक दल परिस्थितियों के कारण विवश सा दिख रहा है। महत्वाकांक्षाओं की टकराहट में महागठबंधन बिखर गया है। तारापुर और कुशेश्वरस्थान में राजद व कांग्रेस अलग-अलग लड़े और हार गए। दोनों को अपने बूते पर बहुत भरोसा था। अब वीआइपी (विकासशील इंसान पार्टी) के विधायक मुसाफिर पासवान के निधन के कारण रिक्त हुई बोचहा सीट पर कब्जे के लिए एकता ही विकल्प है, लेकिन सुर और मन दोनों मिलते नहीं दिख रहे। उधर भाजपा और जदयू में भी सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा। अलग होते हैं तो सत्ता जाती है और पास रहते हैं तो बड़े होते हुए भी भाजपा के छोटे बनने की विवशता। उसकी निगाहें उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजे पर टिकी है। अगर पक्ष में आए तो कमर सीधी हो सकती है अन्यथा साथ तो बना ही रहेगा, क्योंकि आगे लोकसभा चुनाव बड़ी चुनौती है। उस स्थिति में नीतीश का साथ जरूरी होगा। एक बार साथ होकर अलग हुए नीतीश और लालू के बीच फिर एकता में पुरानी खटास आड़े है। ऐसे हालात में इस खबर ने सारी बातों को फिलहाल शांत कर दिया है। बस, इस समय इस विवाह के ही चर्चे हैं।

[स्थानीय संपादक, बिहार]

Edited By Sanjay Pokhriyal

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