बक्‍सर में छह पहुंचा जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा, एक और शिक्षक की मौत, अब दारोगा सस्‍पेंड

बक्‍सर जिले के मुरार थाना क्षेत्र के अमसारी गांव में बुधवार की देर रात शराब पीने से शुरू मौत का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। गुरुवार तक पांच लोगों की जान ले चुकी इस शराब से एक और मौत हो गई है। मृतक अमसारी के शिक्षक बंटी सिंह थे।

Vyas ChandraPublish: Fri, 28 Jan 2022 01:38 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 03:07 PM (IST)
बक्‍सर में छह पहुंचा जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा, एक और शिक्षक की मौत, अब दारोगा सस्‍पेंड

बक्सर, जागरण संवाददाता। बक्‍सर जिले के मुरार थाना क्षेत्र के अमसारी गांव में बुधवार की देर रात शराब पीने से शुरू मौत का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। गुरुवार तक पांच लोगों की जान ले चुकी इस शराब से एक और मौत हो गई है। मृतक अमसारी के शिक्षक बंटी सिंह थे। इससे पहले उनके भाई भृगु सिंह की मौत हो गई थी। वे भी शिक्षक ही थे। इस प्रकार अब तक दो शिक्षकों समेत छह की मौत हो गई है। बता दें कि रंजन राम नामक व्‍यक्ति के भी शराब पीने से मौत की बात सामने आई थी। हालांकि, डीएम अमन समीर ने स्‍पष्‍ट किया कि वह पहले से बीमार था। इस घटना से उसकी मौत का कनेक्‍शन नहीं है। इधर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह ने बताया कि अमसारी शराब कांड में मुरार के एसआइ राजीव सिंह को भी लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले मुरार थानाध्यक्ष मनोरंजन प्रसाद राय के साथ ही अमसारी गांव के चौकीदार को निलंबित कर दिया था। 

26 जनवरी की शाम पी थी शराब 

अमसारी गांव में 26 जनवरी की शाम सात-आठ लोगों ने होमियाेपैि‍थ‍िक दवा या किसी केमिकल से बनी शराब पी थी। ग्रामीणों का दावा है कि शराब पीने के कुछ देर बाद ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी थी।  बुधवार रात से गुरुवार तक पांच लोगों की मौत हो गई। दो-तीन की स्थिति गंभीर बनी थी। उनमें से एक बंटी सिंह भी थे। बक्‍सर के निजी अस्‍पताल में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह हालत बिगड़ने पर डाक्‍टर ने पटना रेफर कर दिया।  पटना ले जाते समय आरा पहुंचने तक बंटी सिंह ने दम तोड़ दिया।  

सरकार की नीति ही दोषपूर्ण 

घटना के कारण गांव में कोहराम मचा है। स्‍वजनों के विलाप से गांव में मातम पसरा हुआ है। इधर घटना को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। डुमरांव के सीपीआइ एमएलए अजीत कुशवाहा ने सरकार पर इसको लेकर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि सभी मौत शराब पीने से हुई है।  स्‍वजनों के बयान से भी यह स्‍पष्‍ट हो रहा है कि सभी लोगों ने शराब पी रखी थी। प्रशासन मामले की जांच कर रही है। जो भी दोषी हो पर तत्काल कार्रवाई हो। शराब की शराबबंदी नीति ही दोषपूर्ण है। शराबबंदी में सरकार ने नशा मुक्ति केंद्र खोलने का वादा किया था। लेकिन कहीं भी नशा मुक्ति केंद्र खुला नहीं। 

Edited By Vyas Chandra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम