बिहार की सवा करोड़ जीविका दीदियां बनेंगी बड़ी मददगार, अब लोन देकर करेंगी सहायता

PM Awas Yojana बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। जीविका दीदियां अब अधूरे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पूर्व के अधूरे इंदिरा आवास के निर्माण को पूर्ण करने में मददगार बनेंगी।

Akshay PandeyPublish: Sun, 23 Jan 2022 06:17 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 06:17 PM (IST)
बिहार की सवा करोड़ जीविका दीदियां बनेंगी बड़ी मददगार, अब लोन देकर करेंगी सहायता

राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार की सवा करोड़ से अधिक जीविका दीदियां अब अधूरे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पूर्व के अधूरे इंदिरा आवास के निर्माण को पूर्ण करने में मददगार बनेंगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), ग्रामीण आवास सहायक और ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक इसमें समन्वय का काम करेंगे। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि पांच-सात वर्षों से लंबित आवास अगर पूर्ण नहीं हुए हैं तो अधिकारी इसे गंभीरता से पहल करें।
बता दें कि बिहार करीब चार लाख प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पूर्व के तीन लाख इंदिरा आवास अधूरे हैं। ऐसे में ग्रामीण विकास विभाग ने सस्ते ब्याज पर जीविका समूहों से ऋण दिलाने का सुझाव दिया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबसे अधिक लंबित आवास वाले जिलो में समस्तीपुर जिला में 34 हजार 519, दरभंगा में 34 हजार 299, सीतामढी जिला में 25 हजार 914, अररिया में 25 हजार 537, मधुबनी में 23 हजार 224, बेगूसराय में 22 हजार 317, पश्चिम चंपारण में 17 हजार 768, सुपौल में 16 हजार 419, मुजफ्फरपुर में 16 हजार 239 तथा पटना में 14 हजार 854 आवास का निर्माण लंबित है। ऐसे में अधिकारियों को 15 फरवरी तक निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण कराने की चेतावनी दी गई है। वहीं, इंदिरा आवास योजना की समीक्षा में पाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 से वर्ष 2015-16 तक राज्य में इंदिरा आवास योजना के तहत 22 लाख 42 हजार 346 लक्ष्य के विरूद्ध 19 लाख 3 हजार 836 आवास की स्वीकृति दी गई थी इसमें तीन लाख 27 हजार 765 आवास अपूर्ण हैं।

Edited By Akshay Pandey

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