पटना की सड़कों पर अब सरपट दौड़ा सकेंगे बाइक-कार, जाम नहीं लगने को ये तरकीब आएगी काम

कई सड़कों पर अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। आने वाले समय में राजधानी के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। समस्या को खत्म करने के लिए इंट्रिगेटेड कमांड कंट्रोल का सहारा लिया जाएगा।

Akshay PandeyPublish: Sun, 23 Jan 2022 03:36 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 03:36 PM (IST)
पटना की सड़कों पर अब सरपट दौड़ा सकेंगे बाइक-कार, जाम नहीं लगने को ये तरकीब आएगी काम

संतोष कुमार, पटना: राजधानी में जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। कई सड़कों पर अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। आने वाले समय में राजधानी के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। समस्या को खत्म करने के लिए इंट्रिगेटेड कमांड कंट्रोल का सहारा लिया जाएगा। कंट्रोल रूम से शहर में लगने वाली जाम की समस्या पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद समस्या के समाधान को लेकर इंतजाम किए जाएंगे। 

राजधानी में वाहनों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। पटना की कई सड़कें काफी पुरानी और संकरी है। पटना सिटी और महेंद्रू इलाके की सड़कों का भी बुरा हाल है। दुकानों के आगे लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। वहीं, सड़क पर गाडिय़ां पार्क की जाती हैं, जिसके कारण पीक आवर और स्कूल के समय सड़कों पर जाम की समस्या गहरी हो जाती है। इंट्रिगेटेड कमांडेड कंट्रोल रूम के माध्यम से पटना के यातायात को नियंत्रित करने की रणनीति बनाई जा रही है। 

कैसे काम करेगा इंट्रिगेटेड कमांड कंट्रोल रूम 

एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि पटना में जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए इंट्रिगेटेड कमांड कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। इससे डायल 100, स्मार्ट सिटी सहित निजी सीसीटीवी कैमरों को जोड़ा जाएगा। वहीं, सिस्टम में लगाए गए खास प्रकार का साफ्टवेयर से यह पता चल सकेगा कि किन सड़कों पर कब जाम लगता है और जाम लगने का कारण क्या है। इसके बाद जाम को हटाने के लिए वहां पुलिस टीम को भेजा जाएगा या वहां स्थाई रूप से यातायात कर्मियों की तैनाती की जाएगी। बेंगलुरु में साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। तीन महीन में सिस्टम काम करने लगेगा। 

बंद पड़े हैं अधिसंख्य ट्रैफिक सिग्नल 

राजधानीवासी को जाम से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2016 में 26 करोड़ की लागत से करीब 100 ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे, लेकिन देखरेख के अभाव में 90 प्रतिशत ट्रैफिक सिग्नल खराब पड़े हैं। इसके लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में लगे उपकरण भी खराब हो चुके हैं। 

इन सड़कों पर अक्सर लगता है जाम 

अशोक राजपथ, गांधी मैदान, लोदीपुर, बांस घाट, कुर्जी मोड़, दानापुर नहर रोड, डाक बंगला चौराहा, स्टेशन रोड, चिरैयाटाड़ पुल, राजा बाजार, गोला रोड, सगुना मोड़, जगदेव पथ, बेली रोड, हथुआ मार्केट, खेतान मार्केट, कदमकुआं चूड़ी मार्केट, न्यू मार्केट, बारी पथ, बोरिंग केनाल रोड, बेली रोड, दीघा, राजापुर पुल, कंकड़बाग, राजा बाजार, शास्त्री नगर, कोतवाली, पटना सिटी व दानापुर।

Edited By Akshay Pandey

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