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पटना लिटरेचर फेस्टिवल: राम ने नहीं, रामायण ने सीता को तजाः नरेंद्र कोहली

पटना लिटरेचर फेस्टिवल के पहले दिन के एक सत्र आधुनिकता की कसौटी पर मिथक पर बुद्धिजीवियों ने अपने अनुभव साझा किए।.

Akshay PandeyFri, 01 Feb 2019 06:05 PM (IST)
पटना लिटरेचर फेस्टिवल: राम ने नहीं, रामायण ने सीता को तजाः नरेंद्र कोहली

पटना, जेएनएन। पटना लिटरेचर फेस्टिवल में सत्रों का दौर जारी है। पहले दिन के एक सत्र में 'आधुनिकता की कसौटी पर मिथक' पर बुद्धिजीवियों ने अपने अनुभव साझा किए। ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विचार रखने के लिए वक्ता के रूप में मौजूद थे नरेंद्र कोहली, ऊषा किरण खान और मैत्रेयी पुष्प।

विषय पर सबसे पहले नरेंद्र कोहली ने विचार दिए। कहा भगवान राम ने नहीं रामायण ने सीता को तजा (छोड़ा)। हम केवल ऐसा किताबों में पढ़ रहे हैं। असलियत से दूर हैं। नरेंद्र कोहली ने कहा कि राक्षस और ऋषि दोनों यहीं पर हैं। राक्षस ऋषि को खाता है। वे ऐसा इस लिए करता है क्योंकि ऋषि बुद्धिजीवी होते हैं। कोहली के लिए एक सवाल आया, राम ने सीता को छोड़ दिया, इसमें सीता का क्या दोष था? जवाब मिला, सीता को राम ने नहीं रामायण ने तजा।

मिथक करते हैं आकर्षित

पद्मश्री ऊषा किरण खान ने कहा मिथक आकर्षित करता है, पर ये हमेशा सच नहीं होता। प्राचीन इतिहास लिखा नहीं गया। केवल गढ़ा गया है। पुरातत्व भी उसी का भाग रहा है। ऊषा किरण ने इस दौरान अपनी रचना भामती की कहानी भी लोगों से साझा की। मैत्रेयी पुष्प ने कहा किस्त्री से आशा के विवाद को हमने तोड़ा है। नारी जो चाहे वो कर सकती है। वो आजाद है।

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