पटनाः बेउर जेल में 2 घंटे तक छापेमारी, कबाड़खाने में मिले तीन मोबाइल; कैदी खोल रहे साथियों की पोल

पटना स्थित बेउर जेल में गुरुवार को पुलिस ने अचानक छापेमारी कर दी। काराधीक्षक जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में की गई छापेमारी में जेल परिसर से कैदियों के वार्ड से 3 मोबाइल एवं एक चार्जर बरामद किया गया है।

Akshay PandeyPublish: Thu, 08 Apr 2021 01:48 PM (IST)Updated: Thu, 08 Apr 2021 01:48 PM (IST)
पटनाः बेउर जेल में 2 घंटे तक छापेमारी, कबाड़खाने में मिले तीन मोबाइल; कैदी खोल रहे साथियों की पोल

जागरण संवाददाता, पटना। आदर्श केंद्रीय कारा बेउर में गुरुवार को पुलिस ने अचानक छापेमारी कर दी। सुबह 6.45 बजे से 8.55 बजे तक लगातार जेल परिसर में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। काराधीक्षक जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में की गई छापेमारी में जेल परिसर से कैदियों के वार्ड से 3 मोबाइल एवं एक चार्जर बरामद किया गया है। कारा प्रशासन की ओर से तीनों बरामदगी मामले में स्थानीय बेउर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। 

किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी

इस संबंध में काराधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि कारा महानिरीक्षक मिथलेश मिश्र के निर्देश पर बेउर जेल में नियमित रूप से छापेमारी की जा रही है। गुरुवार को सधन छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान गोदावरी खंड के कबाड़खाने से सुरक्षाकर्मियों को दो मोबाइल व एक चार्जर मिला। काफी पूछताछ के बाद भी किसी ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली। इसी तरह यमुना खंड के कबाड़ से भी एक मोबाइल मिला। दोनों ही मामले में स्थानीय बेउर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। दोनों खंड के सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। उनकी संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जेल में तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों के अलावा कैदियों को भी गुप्तचर बनाया गया है जो मोबाइल रखने वाले कैदियों के बारे सूचना देते हैं। पहले रेकी और फिर सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई की जाती है। सभी दोषियों पर कार्रवाई भी की जा रही है।

किसी को नियमों के उल्लंघन की इजाजत नहीं

काराधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि जेल में बंद कोई भी छोटा-बड़ा आरोपित हो उन्हें जेल नियमों के उल्लंघन की इजाजत नहीं दी गई है। जेल के अंदर अनुशासन बनाए रखने के लिए लिए सभी कैदियों को एक समान रूप से रखने की जिम्मेदारी कारा प्रशासन के ऊपर है। कैदियों द्वारा मोबाइल व अन्य आपत्तिजनक सामग्री का उपयोग किए जाने को जेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कैदियों द्वारा मोबाइल रखे जाने की सूचना पर नियमित रूप से कारा प्रशासन की ओर से छापेमारी करवाई जा रही है। 

Edited By Akshay Pandey

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