पानी नहीं टपक रहा है तो एक दबाएं, लीकेज है तो., बिहार में काल सेंटर की तरह कर सकेंगे शिकायत

हर घर नल का जल योजना के उपभोक्ता अब मोबाइल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।समय सीमा के भीतर उनकी शिकायतों का निराकरण होगा। इस सुविधा के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) एजेंसियों के चयन में जुट गया है।

Vyas ChandraPublish: Fri, 28 Jan 2022 08:09 AM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 08:09 AM (IST)
पानी नहीं टपक रहा है तो एक दबाएं, लीकेज है तो., बिहार में काल सेंटर की तरह कर सकेंगे शिकायत

पटना, राज्य ब्यूरो। हर घर नल का जल योजना के उपभोक्ता अब मोबाइल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। जिस तरह मोबाइल के कस्‍टमर केयर पर किसी शिकायत के लिए नंबर दबाने को कहा जाता है। कुछ ऐसी ही व्‍यवस्‍था अब यहां भी होगी। समय सीमा के भीतर उनकी शिकायतों का निराकरण होगा। इस सुविधा के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) एजेंसियों के चयन में जुट गया है। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी के अंत तक एजेंसियों का चयन हो जाएगा। फरवरी में ट्रायल के तौर पर कुछ क्षेत्रों में सेवा शुरू हो जाएगी। 

आइवीआरएस तकनीकी का सहारा ले रहा विभाग 

विभाग इसके लिए आइवीआरएस (Interactive voice Response System) तकनीक का सहारा ले रहा है। इसमें मोबाइल नंबर जारी किया जाएगा। भाषा के अलावा शिकायतों के चयन के लिए विकल्प दिए जाएंगे। यह मोबाइल या टेलीफोन के काल सेंटर की तरह काम करेगा। हरेक शिकायत के लिए संख्या निर्धारित रहेगी। मसलन, पानी नहीं टपक रहा है तो एक दबाएं। लीकेज है तो दो दबाएं। शिकायत के अनुसार निर्देश का बटन दबाने पर वह दर्ज हो जाएगी।

मैसेज से मिलेगी शिकायत दर्ज होने की जानकारी 

उपभोक्ता को शिकायत संख्या दी जाएगी। इसके आधार पर वे बाद में पूछताछ कर सकेंगे। उपभोक्ता को मैसेज के जरिए शिकायत दर्ज होने की भी जानकारी दी जाएगी। एजेंसियों को हासिल शिकायतों का विवरण रोजाना विभाग को देना होगा। हरेक शिकायत का समय दर्ज करना होगा। निवारण के बाद भी बताना होगा कि इसमें कितना समय लगा। विभाग ने हरेक शिकायत के निवारण के लिए समय-सीमा का निर्धारण कर दिया है। मामूली खराबी के लिए 24 घंटे का समय तय है। तकनीकी की सहायता से विभाग अब हर व्‍यवस्‍था को हाइटेक करने में जुट गया है। इससे लोगों को सहूलियत होगी।  

  • आइवीआरएस तकनीक का सहारा ले रहा विभाग
  • एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया शुरू
  • फरवरी तक प्रभावी होने की संभावना

Edited By Vyas Chandra

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