मैं दुनियां तेरी छोड़ चला... गाने सुनते हुए फंदे से लटक गया छपरा का युवक, केरल में की खुदकुशी

सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र की मंगरपाल पंचायत के एक युवक ने केरल में खुदकुशी कर ली है। दर्दभरे गाने सुनते हुए रो-रोकर उसने अपना वीडियो बनाया। इसके बाद फंदे से लटक गया। हालांकि इसमें किसी को जिम्‍मेदार नहीं बताया है।

Vyas ChandraPublish: Thu, 08 Apr 2021 01:50 PM (IST)Updated: Thu, 08 Apr 2021 03:07 PM (IST)
मैं दुनियां तेरी छोड़ चला... गाने सुनते हुए फंदे से लटक गया छपरा का युवक, केरल में की खुदकुशी

सारण, जागरण संवाददाता। दर्द भरे नगमे सुनते हुए गम में डूबने की कहानी फिल्‍मों में दिखती है। लेकिन बिना किसी गम के कोई आत्‍महत्‍या करने लगे तो सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा किया है सारण जिले के रहने वाले एक युवक ने। उसने पाकिस्‍तानी गायक अताउल्‍लाह खां के गाने, मैं दुनिया तेरी छोड़ चला, जरा सूरत तो दिखला जाना.. सुनते हुए फांसी लगा ली। बिहार से सैकड़ों किलोमीटर दूर केरल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इसके पहले उसने बकायदा एक वीडियो बनाया। सुसाइड नोट में कहा है कि वह अपनी इच्‍छा से खुदकुशी कर रहा है। इसके लिए कोई जिम्‍मेदार नहीं है। मृतक सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र की मगरपाल पंचायत के दरवेशा सिकंदर का रहने वाला 19 वर्षीय विश्‍वजीत कुमार था। घटना छह अप्रैल की बताई जाती है।

केरल में रहता था परिवार के साथ

बताया जाता है कि ओमप्रकाश राय उर्फ भुलेटन राय सपिरवार केरल में रहते हैं। पिता और भाई के साथ विश्‍वजीत और उसका भाई वहीं रहकर किसी कंपनी में काम करता था। उसकी तीन बहने हैं। उनमें से एक की शादी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष ही उसने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। छह अप्रैल को अपने कमरे में उसने बेडशीट का फंदा बनाया। इससे पहले अताउल्‍लाह खां का गीत सुना। इसका वीडियो बनाया। वीडियो में गाने सुनते हुए उसकी आंखों से आंसू बह रहे हैं। इसे अपने दोस्‍तों को भेजा। इसके बाद फंदे से लटक गया।

मौत के लिए कोई नहीं जिम्‍मेदार

विश्‍वजीत ने मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट और वीडियो में कहा कि वह अपनी मर्जी से अपनी जान दे रहा है। इसके लिए कोई जिम्‍मेदार नहीं है। इस कारण किसी पर भी कानूनी कार्रवाई नहीं हो। इधर मौत की सूचना पर पहुंची केरल की पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की खबर मिलते ही दरवेशा सिकंदर गांव के लोग सन्‍न रह गए। परिवार के लोगाें का राे-रोकर बुरा हाल है।

Edited By Vyas Chandra

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