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Bihar Temple Re-Opening: बिहार में अनलॉक पर NDA में तकरार: BJP बोली- अब मंदिर खोले सरकार; JDU का इनकार

Bihar Temple Re-Opening कोरोनावायरस संक्रमण पर नियंत्रण के साथ नीतीश कुमार की सरकार बिहार को धीरे-धीरे अनलॉक कर रही है। बीजेपी इसके तहत अब मंदिर खोले जाने की मांग कर रही है। जबकि जेडीयू बीजेपी शासित असम में माता कामाख्या का दरबार बंद रहने की बात कह रहा है।

Amit AlokThu, 15 Jul 2021 06:03 PM (IST)
Bihar Temple Re-Opening: बिहार में अनलॉक पर NDA में तकरार: BJP बोली- अब मंदिर खोले सरकार; JDU का इनकार

पटना, ऑनलाइन डेस्‍क। Bihar Temple Re-Opening बिहार में कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) में कमी आने के बाद शिक्षण संस्‍थान खोले जाने शुरू (Educational Institutions Re-Opening) हैं। 10वीं से ऊपर के स्कूल-कॉलेज खोले जा चुके हैं। इसके साथ अब ने धर्मस्‍थलों को भी खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर सताधारी राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक जनता दल यूनाइटेड (JDU) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) एकमत नहीं दिख रहे हैं। बीजेपी मंदिरों को अनलॉक करने के पक्ष में है ताे जेडीयू ने कहा है कि बीजेपी शासित असम में भी माता कामाख्या का दरबार बंद है।

बीजेपी ने रखी मंदिरों को खोलने की मांग

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कोरोनावायरस संक्रमण पर नियंत्रण के बाद अब मंदिरों को भी खोलने की मांग की हे। उनके पहले बीजेपी के के राज्यसभा सदस्‍य विवेक ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस संबंध में पत्र लिखा था।

बीजेपी की मांग से सहमत नहीं है जेडीयू

बीजेपी की इस मांग से सरकार में उसके सहयोगी जेडीयू को इत्‍तफाक नहीं है। जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि ऐसी मांग करने वालों को यह समझना चाहिए कि बिहार में मंदिर ही नहीं, सभी धर्म-स्‍थल बंद हैं। यहां की तो बात छोड़ दें, असम में भी माता कामाख्या का दरबार बंद है। वहां चुनाव के बाद (बीजेपी की) सरकार भी बन गई, लेकिन मंदिर बंद ही हैं।

अभी श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं धर्म-स्थल

विदित हो कि बिहार में कोरोनावायरस संक्रमण के कारण बीते चार मई से मंदिर बंद हैं। संक्रमण में कमी आने के साथ सरकार धीरे-धीरे अनलॉक की प्रक्रिया अपना रही है। इसके तहत बाजार, शिक्षण संस्थान और कार्यालय आदि खोले जा चुके हैं। धार्मिक स्थल अभी तक श्रद्धालुओं के लिए बंद पड़े हैं, जिसका असर वहां के चढ़ावा पर पड़ा है। इस कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।

बिहार के मंदिरों को 40 करोड़ का नुकसान

एक अनुमान के अनुसार बीते करीब तीन महीने के लॉकडाउन के दौरान चढ़ावा व दान बंद हाे जाने के कारण बिहार के 4500 रजिस्‍टर्ड मंदिरों को 40 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। केवल पटना के महावीर मंदिर को चार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। महावीर मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख आचार्य किशोर कुणाल कहते हैं कि महावीर मंदिर ट्रस्ट के जरिए पांच अस्पतालों का संचालन होता है। मंदिर बंद रहने का असर अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है।

Edited By: Amit Alok

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