बिहारः तेजस्वी की तारीफ कर अपनी ही पार्टी में घिरे सहनी, विधायक बोले- छूरा मारने वालों से नजदीकी ठीक नहीं

Bihar Politics बिहार के पशुपालन मंत्री की पार्टी के विधायक राजू सिंह को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहनी का यह रवैया पसंद नहीं आ रहा। लिहाजा वे शनिवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहनी से मिलकर उनके सामने अपनी बात रखेंगे।

Akshay PandeyPublish: Sat, 22 Jan 2022 03:20 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 03:20 PM (IST)
बिहारः तेजस्वी की तारीफ कर अपनी ही पार्टी में घिरे सहनी, विधायक बोले- छूरा मारने वालों से नजदीकी ठीक नहीं

राज्य ब्यूरो, पटना: विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच लगातार विवाद चल रहा है। एक ओर यूपी चुनाव में बिहार के पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी की दावेदारी और दूसरी ओर बोचहां सीट पर प्रत्याशी को लेकर यह खींचतान चल रही है। मंत्री की पार्टी के विधायक राजू सिंह को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहनी का यह रवैया पसंद नहीं आ रहा। लिहाजा वे शनिवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहनी से मिलकर उनके सामने अपनी बात रखेंगे।

राजद से वीआइपी की निकटता उचित नहीं

एमएलए राजू सिंह ने सहनी से मुलाकात के पूर्व जागरण से कहा कि वीआइपी के विधायक भाजपा के साथ चुनाव मैदान में थे। राजद के खिलाफ लड़कर हम विधानसभा तक पहुंचे हैं। अब राजद से वीआइपी की निकटता बढ़ रही है, जो कहीं से उचित नहीं। जिसने चुनाव के पहले पीठ में छूरा मारा उसी के नजदीक जाने का मैसेज खराब जाएगा। सिंह ने कहा वे शाम को मुकेश सहनी से मिलकर अपनी बात अपना पक्ष रखेंगे। उनसे बात होने के बाद वे मीडिया से बात करेंगे।

तेजस्वी की तारीफ के बाद राजद प्रवक्ता ने की थी मुलाकात

गौरतलब है कि बिहार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी की पार्टी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पहले सहनी ने यूपी में भाजपा के साथ चुनाव लड़ने की कोशिश की थी पर बात नहीं बनी। हाल ही में सहनी ने तेजस्वी को छोटा भाई बताते हुए उनकी तारीफों के पुल बांध दिए थे। इसके बाद राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी सहनी के आवास उनसे मिलने पहुंचे थे। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बात हुई। मुलाकात के बाद तरह-तरह की अटकलें सियासी गलियों में गोते लगाने लगीं। वीआइपी के एनडीए से बाहर होने की चर्चा पर भाजपा सांसद अजय निषाद ने कहा था कि सहनी चाहें तो चले जाएं, उन्हें रोका किसने है। 

Edited By Akshay Pandey

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