तेजप्रताप यादव ने दिखाई ऐसी तस्‍वीर, कहा, यह कश्‍मीर की नहीं बिहार के पटना की है, आप भी देखिए

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव बड़े दिनों बाद इंटरनेट मीडिया पर फिर से सक्रिय हुए हैं। उन्‍होंने ट्व‍िटर पर दो तस्‍वीरें डाली हैं। सरकार पर तंज कसते हुए लिखा है कि ये कश्‍मीर की नहीं पटना की तस्‍वीरें हैं।

Vyas ChandraPublish: Wed, 26 Jan 2022 07:12 AM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 11:45 AM (IST)
तेजप्रताप यादव ने दिखाई ऐसी तस्‍वीर, कहा, यह कश्‍मीर की नहीं बिहार के पटना की है, आप भी देखिए

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Politics: राजद ने रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को समर्थन देने की घोषणा के साथ उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई की निंदा की है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (RJD Supremo Lalu Prasad Yadav) के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने पटना की तस्‍वीर शेयर करते हुए ट्वीट किया है कि यह कश्‍मीर नहीं बिहार के पटना की तस्‍वीर है। जिनपर बर्बरता हो रही है वे आतंकवादी नहीं आरआरबी एनटीपीसी के अभ्‍यर्थी हैं। तेजप्रताप यादव ने सरकार पर जमकर हमला किया है। लिखा है कि याद रहे बिहार में डबल इंजन वाली सरकार है। बिहार के मुखिया अपने आप को सुशासन बाबू कहते हैं। इससे पहले भी उन्‍होंने मांग की थी कि अभ्‍यर्थियों की समस्‍याएं जल्‍द दूर की जाएं, वरना क्रांतिकारी जनसैलाब को रोकना मुश्किल होगा।  

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(तेजप्रताप यादव के ट्वीट का स्‍क्रीन शाट।)

छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरने की चेतावनी  

इधर राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और जो गिरफ्तार हैं, उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की है। सरकार को चेताया भी है कि ऐसा नहीं हुआ तो राजद उनके समर्थन में सड़कों पर भी उतर सकता है। राजद नेता ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की राजग सरकार बेरोजगार नौजवानों की भावनाओं के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। एक ओर सरकारी सेवाओं में लगातार कटौती की जा रही है और दूसरी ओर लाखों रिक्तियों के बावजूद जानबूझकर बहाली प्रक्रिया को लटकाया और उलझाया जा रहा है। 

(हंगामा करते छात्रों आंसू गैस के गोले दागने की तस्‍वीर तेजप्रताप ने पोस्‍ट की है।)

रिजल्‍ट में व्‍यापक पैमाने पर हुई धांधली 

राजद प्रवक्ता ने कहा कि एनटीपीसी परीक्षा के लिए 2019 में विज्ञापन निकाला गया था। आंदोलन के बाद 2021 में परीक्षा हुई और 2022 में रिजल्ट आया, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़‍ियां सामने आईं। कुल 13 पदों के लिए परीक्षा ली गई थी। रिजल्ट में एक ही परीक्षार्थी को कई-कई पदों के लिए सफल घोषित कर दिया गया। इस फर्जीवाड़े से अभ्यर्थी आक्रोशित हैैं। रेलवे बोर्ड ने कोई नोटिस नहीं लिया तो उन्हें प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। 

Edited By Vyas Chandra

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