बिहारः मंत्री रामसूरत के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा में हंगामा, कुर्सियां तक पलटीं

मंत्री रामसूरत राय के इस्तीफे को लेकर शनिवार को विधानसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ। उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई। वहीं आसन के सामने रिपोर्टर टेबल के पास लगी कुर्सियों को भी पलट दिया।

Akshay PandeyPublish: Sat, 13 Mar 2021 01:58 PM (IST)Updated: Sat, 13 Mar 2021 02:44 PM (IST)
बिहारः मंत्री रामसूरत के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा में हंगामा, कुर्सियां तक पलटीं

राज्य ब्यूरो, पटनाः राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय के इस्तीफे को लेकर शनिवार को विधानसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ। उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के लोग रामसूरत राय के मसले पर आसन के समक्ष आकर हंगामा करने लगे। आसन के सामने रिपोर्टर टेबल के पास लगी कुर्सियों को भी पलट दिया। विपक्ष ने प्रश्नकाल में सदन का वॉकआउट कर दिया।

शून्यकाल के दौरान फिर हंगामा

विपक्ष शून्यकाल के दौरान फिर सदन में पहुंचा। पुन: इस मसले पर लाए गए ध्यानाकर्षण को मंजूर करने की मांग करने लगे। ध्यानाकर्षण को नामंजूर किए जाने के बाद विपक्ष नारेबाजी करने लगा। इसके बाद सदन को विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दिया। विपक्ष के विधायक स्पीकर के कक्ष के आगे धरने पर बैठ गए और जबर्दस्त नारेबाजी की।

विधानसभा पोर्टिको के बाहर नारेबाजी

प्रश्नकाल आरंभ होने के पहले ही राजद ने रामसूरत राय के मसले पर हंगामा किया। विधानसभा पोर्टिको के बाहर नारेबाजी की। राजद का कहना है कि मंत्री रामसूरत राय के भाई के स्कूल से शराब की बोतल बरामद हुई है। वह कह रहे कि भाई से उनका कोई संबंध नहीं है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पास साक्ष्य है कि मंत्री रामसूरत राय का अपने भाई से संबंध है। वह उक्त साक्ष्य को सदन में रखना चाहते हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने तल्ख अंदाज में कहा कि ऐसे सदन नहीं चलेगा, जो बात बिजनेस में नहीं है उस पर कैसे चर्चा होगी। किसी एक व्यक्ति के लिए सदन नहीं है। आसन को नियमन देना चाहिए। गलत परंपरा हो रही सदन में। इस पर विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। 

विपक्ष के साथ सदन से वाकआउट कर गए तेजस्वी

इसके पूर्व जब तेजस्वी ने इस मामले को उठाया तो उन्हें बाद में समय दिए जाने की बात कही गयी। तेजस्वी फिर खड़े हो गए। तब उप मुख्यमंत्री रेणु देवी आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े एक सवाल का जबाव दे रहीं थीं। विधानसभा अध्यक्ष ने रेणु देवी को बैठने को कहा ताकि तेजस्वी कुछ बोल सकें, पर वह शोर में आसन की बात नहीं सुन सकीं और बोलती रहीं। इस पर तेजस्वी ने गुस्से में कहा कि आसन को गाइड कर रहे हैं मंत्री। गंभीरता है नहीं तो यहां रहने का कोई मतलब नहीं। इतना कहते हुए वह संपूर्ण विपक्ष के साथ सदन से वाकआउट कर गए।

कार्यस्थगन क्यों लाया गयाः तेजस्वी

शून्य काल में विपक्ष पुन: सदन में पहुंचा। फिर रामसूरत राय के मामले में लाए कार्यस्थगन पर बात की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कार्यस्थगन नामंजूर कर दिया गया है। सोमवार को दलीय नेताओं की बैठक में इस पर चर्चा होगी। इस पर तेजस्वी ने कहा कि सदन में यह पढ़कर सुनाने की अनुमति दी जाए कि कार्यस्थगन क्यों लाया गया है। इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने आपत्ति की। आखिरकार राजद की रेखा कुमारी ने कार्यस्थगन के प्रस्ताव को पढ़ दिया। इस बीच पुन: विपक्ष आसन के सामने आकर हंगामा करने लगा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दिया। सदन से निकलकर विपक्ष के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष के आगे गेट के समीप धरना पर बैठ नारेबाजी करने लगे।

Edited By Akshay Pandey

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