शराब बरामदगी के मामले में दिल्‍ली व यूपी के युवकों को बिहार में कड़ी सजा, जानिए कोर्ट का फैसला

488 लीटर शराब बरामद किए जाने के मामले में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश उत्पाद लवकुश कुमार के न्यायालय ने दिल्ली व जौनपुर के दो आरोपितों को दोषी करार देने के साथ ही उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Vyas ChandraPublish: Wed, 22 Dec 2021 05:25 PM (IST)Updated: Thu, 23 Dec 2021 06:56 AM (IST)
शराब बरामदगी के मामले में दिल्‍ली व यूपी के युवकों को बिहार में कड़ी सजा, जानिए कोर्ट का फैसला

गोपालगंज, जागरण संवाददाता। Liquor Ban in Bihar: द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश उत्पाद लवकुश कुमार ने बुधवार को शराब बरामदगी मामले में दिल्ली व उत्‍तर प्रदेश के जौनपुर (Delhi and Jaunpur)  के दो आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोनों पर दो-दो लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। बुधवार को सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में चनावे स्थित मंडल कारा भेज दिया गया। शराब तस्करी में दूसरे प्रदेश के आरोपित को उम्र कैद की सजा का यह पहला मामला है।  

पिछले वर्ष कार से बरामद हुई थी शराब 

मुकदमे में बताया गया था कि नगर थाना में तैनात एएसआइ करुण कुमार ने 21 अगस्त 2020 को नगर थाना के बंजारी चौक के समीप वाहनों की चेकिंग के दौरान एक कार को रोककर जब उसकी तलाशी लेने का प्रयास किया तो उसमें  सवार दो लोग भागने लगे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया तथा कार की तलाशी ली। कार से पुलिस ने 488 लीटर शराब बरामद की। हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान दिल्ली के एकता विहार सेक्टर-6 निवासी राजेश कुमार तथा यूपी के जौनपुर जिले के पाली गांव के मोहित राजपूत के रूप में की गई। नगर थाने में उत्पाद अधिनियम के तहत दोनों गिरफ्तार प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। 

दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगा 

इस आपराधिक मामले में आरोप पत्र आने के बाद विशेष न्यायाधीश उत्पाद के न्यायालय में सुनवाई प्रारंभ हुई। इस बीच अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा दो-दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक उत्पाद रवि भूषण श्रीवास्तव तथा बचाव पक्ष से अधिवक्ता अनूप कुमार सिंह ने न्यायालय में बहस किया। इस सजा की चर्चा हो रही है। 

Edited By Vyas Chandra

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