बिहार के अस्पताल में हैं तो सावधान: यहां नवजात का शव लेकर भाग गया कुत्ता, पहले भी कुतर चुके चूहे

बिहार के सिवान स्थित एक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में एक नवजात के शव को लेकर कुत्‍ता भाग गया। राज्‍य के अस्‍पतालों में एकसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं।

Amit AlokPublish: Thu, 12 Mar 2020 09:25 PM (IST)Updated: Fri, 13 Mar 2020 11:08 PM (IST)
बिहार के अस्पताल में हैं तो सावधान: यहां नवजात का शव लेकर भाग गया कुत्ता, पहले भी कुतर चुके चूहे

सिवान/ पटना, जागरण टीम। स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं में सुधार की सरकारी कोशिशों की हवा निकालने में यहां के सरकारी अस्‍पताल कोई कसर नहीं छोड़ रहे। अस्पतालों के बेड पर आराम फरमाते कुत्तों का नजारा आम बात है, अब तो बात कुत्‍तों द्वारा मरे बच्‍चों को ले भागने तक पहुंच चुकी है। ऐसा ही एक मामला सिवान के गुठनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में तब देखने को मिला, जब प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत हो गई।

जन्‍म के बाद नवजान की मौत, शव लेकर भाग गया कुत्‍ता

मिली जानकारी के अनुसार बीती रात गुठनी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में खपवा निवासी परमात्मा यादव की पत्नी पुष्पा देवी ने पुत्र को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद महिला को वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान प्रसव कक्ष (लेबर रूम) में कुत्ता घुस गया, जो शव को लेकर भाग गया। महिला को वार्ड में शिफ्ट कर जब स्‍वजन शव लेने पहुंचे तो लेबर रूम में वह नहीं था।

अस्‍पताल के पास झाडि़यों में मिला शव, होगी जांच

इसके बाद हंगामा खड़ा हो गया। बाद में शव अस्पताल के बगल में चिकित्सक आवास के पीछे झाड़ी में मिला। स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शब्बीर आलम ने कहा कि बताया कि इस मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

नई नहीं लापरवाही, पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले

नवजात को कुतर गए चूहे: इस ताजा मामले में कार्रवाई जो भी हो, बिहार के अस्पतालों में पहले भी ऐसे कई मामले समाने आ चुके हैं। साल 2018 में दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल में में चूहों के कुतरने से एक नवजात की हो गई थी। मधुबनी के सकरी थाना के निवासी फिरन चौपाल ने अपने नौ दिन के बीमार बच्‍चे को डीएमसीएच में भर्ती कराया था, जहां आइसीयू में उक्‍त घटना हुई। परिजन जब आइसीयू में बच्‍चे को देखने गए तो वह मृत पड़ा था और चूहे उसके हाथ-पैर कुतर रहे थे।

पानी के बदले पिला दिया तेजाब, मौत: ऐसी ही लापरवाही की एक और घटना साल 2018 में ही मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में हुई थी। वहां एक महिला मरीज को अस्पताल के कर्मचारी ने दवा खाने के लिए गलती से पानी की जगह तेजाब दे दिया। वैशाली जिले के गोरौल के एक गांव की रहने वाली उक्‍त महिला श्यामली देवी का अस्‍पताल में आंख का ऑपरेशन हुआ था। तेजाब पीने की वजह से उसकी मौत हो गई।

Edited By Amit Alok

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