रिटायर्ड बैंक अधिकारियों को फिर बहाल करने जा रही बिहार सरकार, इसबार मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

बैंकिंग मामलों के विशेषज्ञ के तौर पर अबतक किसी की बहाली नहीं हुई थी। बिहार सरकार अपने किसी निदेशालय में ऐसा प्रयोग पहली बार करने जा रही है। फिलहाल बैंकों के रिटायर्ड अधिकारियों के लिए निदेशालय में तीन पद सृजित किए गए हैं।

Akshay PandeyPublish: Sat, 22 Jan 2022 07:30 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 07:30 PM (IST)
रिटायर्ड बैंक अधिकारियों को फिर बहाल करने जा रही बिहार सरकार, इसबार मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

राज्य ब्यूरो, पटना: राज्य सरकार बैंकों के रिटायर्ड अधिकारियों को बहाल करने जा रही है। इन्हें नवगठित सांस्थिक वित्त निदेशालय में रखा जाएगा। निदेशालय का गठन जून 2019 में ही हो गया था। बैंकिंग मामलों के विशेषज्ञ के तौर पर अबतक किसी की बहाली नहीं हुई थी। बिहार सरकार अपने किसी निदेशालय में ऐसा प्रयोग पहली बार करने जा रही है। फिलहाल बैंकों के रिटायर्ड अधिकारियों के लिए निदेशालय में तीन पद सृजित किए गए हैं। एक सामान्य, एक अत्यंत पिछड़ा और एक महिला के लिए है।

किसी वर्ग की महिला हो सकती है बहाल

महिला के लिए स्वीकृत पद अनारक्षित है। यानी इस पर किसी वर्ग की महिला बहाल हो सकती हैं। सांस्थिक वित्त निदेशालय की अधिसूचना के मुताबिक संविदा बहाली में उन्हें अवसर मिलेगा, जो सक्रिय सेवाकाल में एजीएम या उससे ऊंचे पदों पर कार्यरत रहे हैं। एक जनवरी 2022 तक उनकी उम्र 63 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। पहली बहाली साल भर के लिए होगी। ऐसे पूर्व बैंक अधिकारी 65 की उम्र तक सेवा में बने रह सकते हैं। चयन का आधार साक्षात्कार को बनाया गया है। 

पुलिस विभाग में भी रिटायर्ड कर्मी होना चाहते हैं बहाल

इस साल जनवरी में पुलिस मुख्यालय के द्वारा निकाली गई संविदा बहाली के लिए करीब 900 से एक हजार सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने आवेदन था। पुलिस विभाग ने हाल में रिटायर्ड होने वाले पुलिसकर्मियों को एक साल के लिए संविदा पर बहाल करने का फैसला किया था। पिछले साल की 31 दिसंबर तक मांगे गए में हर दिन करीब 70-80 सेवानिवृत्त कर्मियों ने इसमें रुचि दिखाई थी। एक अन्य मामले पर नजर डालें तो रिटायर कर चुके राजपत्रित व अराजपत्रित कर्मियों की सेवा अगले एक वर्ष के लिए संविदा पर लिए जाने की योजना सरकार ने बनाई थी। यह व्यवस्था पिछले साल 2021 में 1 अप्रैल 2020 से जुलाई 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए थी। वहीं 

Edited By Akshay Pandey

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