डाकबंगला के समीप दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : सीओ

गड़ीखाना स्थित डाकबंगला के समीप अतिक्रमण हटाए जाने के बाद शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 01:15 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 01:15 AM (IST)
डाकबंगला के समीप दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : सीओ

पटना। गड़ीखाना स्थित डाकबंगला के समीप अतिक्रमण हटाए जाने के बाद शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। सीओ अमृत राज बंधु ने बताया कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी मोती चौक, जयराम बाजार, आर्य समाज रोड, थाना रोड में अतिक्रमण है। इन जगहों पर भी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। डाकबंगला के समीप दुकानदारों को पूर्व में ही अवैध कब्जा खाली करने का नोटिस दिया गया था। खाली पड़े जमीन पर कई लोगों ने पक्का निर्माण कर लिया था, जिसे बुधवार को ध्वस्त कर दिया गया था। प्रशासन की टीम ने यह उद्घोषणा भी कराया था कि दोबारा दुकान लगाने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ कार्रवाई भी जाएगी। इसका असर देखने को मिला। शुक्रवार को वहां सन्नाटा पसरा रहा।

खगौल नगर परिषद वार्ड नंबर सात के पार्षद दीपक पासवान ने बताया कि तीन दिन पहले ही दानापुर अंचलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया था कि अतिक्रमण को खाली कर दें।

दुकानदारों में दिखा आक्रोश : फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों में अतिक्रमण हटाए जाने के विरोध में आक्रोश भी दिखा। दुकानदारों का कहना था कि हमलोगों को जगह मुहैया कराए बिना ही खाली करा दिया गया। पार्षद ने जिस जगह से अतिक्रमण हटाया गया है वहा पर जिला परिषद द्वारा टेंडर भी हुआ था और इसके लिए फुटकर विक्रेता निर्धारित राशि भी जमा करते थे।

जागरण संवाददाता, पटना : राजधानी के गांधी मैदान स्थित कालीमंदिर के पास से वर्षो से आटो स्टैंड को नगर निगम व जिला प्रशासन की ओर से हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है। मेट्रो रेल कार्य के लिए ऐसा कहा गया है। स्टैंड हटाए जाने के विरोध में आटो चालकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। बिहार स्टेट आटो चालक संघ सीटू के महासचिव राजकुमार झा ने कहा कि पटना मेट्रो के काम आटो स्टैंड को लेकर बाधा पहुंचने की बात कही जा रही है। इसको लेकर आटो स्टैंड हटाने को कहा गया है। पूर्व परिवहन आयुक्त व्यास जी के आदेश के पर तत्कालीन जिलाधिकारी रमेश अभिषेक ने 11 अप्रैल 1996 को यहां आटो स्टैंड बनाने का आदेश दिया था। यूनियन की ओर से जिलाधिकारी से उनकी अध्यक्षता में बैठक कर वैकल्पिक व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। ऐसा न होने पर सारे आटो चालक आंदोलन को मजबूर हो जाएंगे।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept