एनएमसीएच में बच्चों के लिए 66 बेड की होगी आइसीयू

नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल में बच्चों का गुणवत्तापूर्ण समुचित इलाज कराना अब और भी आसान हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां के शिशु रोग विभाग को विकसित किया जा रहा है। नवजात एवं बच्चों के इलाज के लिए 66 बेड की आइसीयू उपलब्ध होगी।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 01:31 AM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 01:31 AM (IST)
एनएमसीएच में बच्चों के लिए 66 बेड की होगी आइसीयू

पटना। नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल में बच्चों का गुणवत्तापूर्ण समुचित इलाज कराना अब और भी आसान हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां के शिशु रोग विभाग को विकसित किया जा रहा है। नवजात एवं बच्चों के इलाज के लिए 66 बेड की आइसीयू उपलब्ध होगी। इसमें अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों को लगाने का काम तेज हो गया है।

अधीक्षक सह शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. डा. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि एनएमसीएच स्थित 24 बेड की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में केवल बाहर से आने वाले बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। एनएमसीएच में जन्म लेने वाले नवजात के लिए मदर एंड चाइल्ड हास्पिटल की दूसरी मंजिल पर 12 बेड की नवजात गहन चिकित्सा इकाई विकसित की जा रही है। इसके लिए आधुनिक तकनीक से लैस आठ वेंटिलेटर, छह वार्मर, मानिटर, इंफ्यूजन पंप समेत अन्य आवश्यक उपकरण मिल चुका है। विभाग के चिकित्सकों को इन उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। अधीक्षक ने बताया कि एक माह से ऊपर के बच्चों के लिए एमसीएच की दूसरी मंजिल पर 30 बेड की आइसीयू तैयार की जा रही है। इसके लिए आठ आइसीयू बेड लग चुका है। 22 बेड और आने का इंतजार है। विभाग में कुल 66 बेड की आइसीयू हो जाने के बाद किसी भी बच्चा मरीज को अस्पताल से लौटना नहीं पड़ेगा। इस आइसीयू के कुशल संचालन के लिए विशेष चिकित्सकों की टीम विभाग में मौजूद है। - एनएमसीएच में नवजात के लिए 24 और एमसीएच में 12 बेड

- बड़े बच्चों के लिए 30 बेड की तैयार की जा रही आइसीयू

Edited By Jagran

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