क्लास रूम की कमी से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित

नवादा। जिले से लेकर राज्य स्तर पर कई प्रकार की उपलब्धि से विभूषित वारिसलीगंज नगर स्थित बीके साहू इंटर विद्यालय में क्लास रूम की कमी से नामांकित विद्यार्थियों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 10:19 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 10:19 PM (IST)
क्लास रूम की कमी से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित

नवादा। जिले से लेकर राज्य स्तर पर कई प्रकार की उपलब्धि से विभूषित वारिसलीगंज नगर स्थित बीके साहू इंटर विद्यालय में क्लास रूम की कमी से नामांकित विद्यार्थियों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। विद्यालय के पास नौंवी कक्षा से लेकर 12वीं तक विज्ञान एवं कला विषयों के शिक्षण के लिए दस कमरे उपलब्ध हैं। जबकि विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या करीब तीन हजार है। विद्यालय में विभिन्न विषयों के अतिथि शिक्षक समेत 29 शिक्षकों की नियुक्ति है। बता दें कि शिक्षा, खेल कूद एवं अन्य कई प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रखंड को विशिष्ट पहचान दिलाने वाले बीके साहू इंटर विद्यालय में शिक्षकों व भवन की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार विद्यालय में वर्ग 09 से 12 वीं तक की पढ़ाई करवाई जाती है। जिसमें कक्षा 9 एवं 10 तक लगभग 18 सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जिसमें 920 कला और 924 विज्ञान विषय के विद्यार्थी हैं। जिन्हें पढ़ाने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित 18 शिक्षक मौजूद हैं। जबकि इंटर में 11वीं एवं 12वीं मिलाकर कुल 1130 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए मात्र नौ शिक्षक विद्यालय में कार्यरत हैं। जिसमें कुछ प्रमुख विषयों में अतिथि शिक्षक हैं या शिक्षक ही नहीं हैं। इंटर विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान की पढ़ाई कराने को ले शिक्षक विद्यालय में नहीं हैं। वही भौतिकी और अंग्रेजी के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए सिर्फ अतिथि शिक्षकों का सहारा लिया जा रहा है। शिक्षकों के साथ ही विद्यालय में भवन की भी भारी कमी है। नामांकित तीन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए मात्र दस कमरा विद्यालय में मौजूद है। शेष कमरे को प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास व कार्यालय आदि का उपयोग में लाया जाता है। बता दें कि विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों का एक दशक पहले तक जिला से राज्य स्तर तक पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में बेहतर प्रदर्शन करने का रिकॉर्ड रहा है। इधर कुछ बर्षो से विद्यालय में बच्चों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जबकि उस अनुपात में शिक्षण कक्ष एवं शिक्षकों की कमी है। इस संबंध प्रभारी प्रधानाध्यापक विभा कुमारी ने कहा कि विद्यालय भवन एवं शिक्षकों की कमी के बारे में विभाग को लिखा गया है। सबसे ज्यादा जरूरी क्लास रूम की आवश्यकता है।

Edited By Jagran

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