नालंदा में जोशीले नारे से नौजवानों को आंदोलित करने वाले सुभाष चंद्र बोस की मनी जयंती

बिहारशरीफ। सुभाष चन्द्र बोस भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे। तुम मुझे खून दो मैं तुझे आजादी दूंगा। जैसे जोशीले नारे से देश के नौजवानों को आंदोलित करने वाले सुभाष चन्द्र की देश की आजादी में बड़ी भूमिका रही। जापान के सहयोग से उन्होंने आ•ाद हिंद फौज का गठन किया। हर वर्ष इस जांबाज सिपाही की जयंती पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन कश जाता है लेकिन कोरोना संक्रमण को लेकर लगाई गई बंदिशों के कारण इस बार भी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित नहीं की जा सकी।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 11:17 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 11:31 PM (IST)
नालंदा में जोशीले नारे से नौजवानों को आंदोलित करने वाले सुभाष चंद्र बोस की मनी जयंती

बिहारशरीफ। सुभाष चन्द्र बोस भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे। तुम मुझे खून दो, मैं तुझे आजादी दूंगा। जैसे जोशीले नारे से देश के नौजवानों को आंदोलित करने वाले सुभाष चन्द्र की देश की आजादी में बड़ी भूमिका रही। जापान के सहयोग से उन्होंने आ•ाद हिंद फौज का गठन किया। हर वर्ष इस जांबाज सिपाही की जयंती पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन कश जाता है लेकिन कोरोना संक्रमण को लेकर लगाई गई बंदिशों के कारण इस बार भी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित नहीं की जा सकी। रविवार को सादे समारोह में उपनगर आयुक्त ने सुभाष चन्द्र बोस की प्रतीमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर सिटी मैनेजर विनय कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक परमांनद सिंह, अरूण कुमार सहित कई लोग मौजूद थे।

भारत के शौर्य व पराक्रम की प्रतिमूर्ति हैं नेताजी सुभाषचन्द्र बोस : राजीव रंजन

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की 125वीं जयंती पर रविवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व इस्लामपुर के पूर्व विधायक राजीव रंजन, उनके सुपुत्र रूहैल रंजन, एकंगरसराय के मंडल अध्यक्ष दिलीप कुमार टिकू, मनोज कुमार समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर राजीव रंजन ने नेताजी को देश का सच्चा सपूत बताते हुए कहा कि वे एक ऐसे योद्धा थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता और आम जनता के लिए गरिमापूर्ण जीवन व्यापन सुनिश्चित करने की दिशा में खुद को पूरी तरह प्रतिबद्ध कर दिया था। अपने जोश, जूनून और जज्बे से उन्होंने आ•ाद भारत के सपने को नई दिशा दी थी। उनके प्रयासों से ग़ुलामी के अंधेरे में वो चेतना फूटी थी, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता के सामने खड़े होकर कहा था, मैं तुमसे आजादी मांगूंगा नहीं, छीन लूंगा। वास्तव में नेताजी भारत के शौर्य व पराक्रम की प्रतिमूर्ति भी हैं और प्रेरणा भी प्रधानमन्त्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आज उनके आदर्शों को पूरा करने और एक सु²ढ़ भारत का निर्माण करने के लिए संकल्पबद्ध है। नेताजी के व्यक्तित्व व कृतित्व के प्रति देश की नयी पीढ़ी को जागरूक करने के लिए प्रधानमन्त्री मोदी द्वारा उनकी प्रतिमा को इंडिया गेट पर लगाने का निर्णय लिया गया है। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रधानमन्त्री मोदी आज नेताजी के सपनों का भारत बनाने में लगे हुए हैं।

Edited By Jagran

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