मुजफ्फरपुर के संबद्ध डिग्री कालेजों के शिक्षक करेंगे सिडिकेट का बहिष्कार

स्नातक में नामांकन के लिए आवेदन के नाम पर विद्यार्थियों से लिए गए शुल्क से विवि को करीब नौ करोड़ रुपये की आमदनी हुई।

JagranPublish: Mon, 03 Jan 2022 01:28 AM (IST)Updated: Mon, 03 Jan 2022 01:28 AM (IST)
मुजफ्फरपुर के संबद्ध डिग्री कालेजों के शिक्षक करेंगे सिडिकेट का बहिष्कार

मुजफ्फरपुर। स्नातक में नामांकन के लिए आवेदन के नाम पर विद्यार्थियों से लिए गए शुल्क से विवि को करीब नौ करोड़ रुपये की आमदनी हुई। विवि में करीब डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थियों ने नामांकन के लिए आवेदन दिया। प्रत्येक विद्यार्थी से आवेदन शुल्क के रूप में छह सौ रुपये लिए गए। इस हिसाब से पूरे नौ करोड़ रुपये आए। आवेदनों में से करीब 1.12 लाख विद्यार्थियों ने विभिन्न कालेजों में नामांकन लिया। ऐसे में करीब छह करोड़ 72 लाख रुपये में से आधा हिस्सा कालेजों को मिलना है। यह राशि कालेजों को नहीं दी गई। इसके विरोध में संबद्ध डिग्री कालेज के शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि डिग्री कालेज में नामांकन शुल्क आदि मद में ली गई राशि से ही रख-रखाव होता है। कई वर्षाें से विवि कालेजों को राशि नहीं दी जा रही है। बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-कर्मचारी महासंघ के बैनर तले रविवार को शिक्षकों ने बैठक की। इसमें कहा गया कि छह सौ रुपये विवि की ओर से आवेदन के नाम पर लिए गए। इसकी 50 प्रतिशत राशि कालेज को लौटाने का प्रविधान है। ऐसे में राशि कालेजों को अविलंब लौटाने, सीनेट और सिडिकेट का चुनाव कराने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन दर में बढ़ोतरी करने, कर्मचारियों की सेवा स्थायी करने समेत अन्य मांगों को लेकर पांच जनवरी को होने वाली सिडिकेट की बैठक को अवरुद्ध करने का निर्णय लिया गया। महासंघ के संयोजक डा.धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि इस बैठक का पुरजोर विरोध होगा। विवि के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि सीनेट और सिडिकेट का चुनाव तीन वर्ष पर होना चाहिए, जबकि आखिरी बार 2012 में ही चुनाव हुआ था। इससे जनतांत्रिक मूल्यों का हनन की अवहेलना हो रही है। बैठक में संत ज्ञानेश्वर प्र.सिंह, घनश्याम ठाकुर, धीरेंद्र कुमार, रूपेश कुमार, ओमप्रकाश सिंह, महेश कुमार, मनोज कुमार आदि थे।

Edited By Jagran

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