स्नातक का परिणाम सुधारने को लेकर दो दर्जन टेबुलेटर नियुक्त

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2019-22 के प्रथम वर्ष और पीजी सत्र 2019-21 के प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में हुई गड़बड़ी को सुधारने के लिए विवि की ओर से दो दर्जन विशेष टेबुलेटर नियुक्त किए गए हैं।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 01:25 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 01:25 AM (IST)
स्नातक का परिणाम सुधारने को लेकर दो दर्जन टेबुलेटर नियुक्त

मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2019-22 के प्रथम वर्ष और पीजी सत्र 2019-21 के प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में हुई गड़बड़ी को सुधारने के लिए विवि की ओर से दो दर्जन विशेष टेबुलेटर नियुक्त किए गए हैं। परीक्षा विभाग की ओर से 15 दिनों के भीतर परिणाम को ठीक करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। परीक्षा नियंत्रक डा.संजय कुमार ने बताया कि कालेजों को निर्देश दिया गया है कि जिन छात्रों का परिणाम किसी कारण पेंडिग रह गया है उसका आवेदन जमा करें। संकायवार उसे अलग कर विवि को भेजना है। कहा कि ऐसे छात्र-छात्राएं जिनका परिणाम रोल नंबर में गड़बड़ी या अन्य कारणों से पेंडिग हो या परीक्षा में उपस्थित होने के बाद भी प्रैक्टिकल में अनुपस्थित दिखाया गया हो। वे विद्यार्थी अपने एडमिट कार्ड व अन्य प्रमाणपत्रों की छायाप्रति संलग्न करते हुए कालेज में आवेदन देंगे। कालेज की ओर से समेकित आवेदन प्राप्त होने पर विषयवार नियुक्त टेबुलेटर उसे देखेंगे। साथ ही प्रयास किया जाएगा कि 15 दिनों के भीतर परिणाम को सुधारा जा सके। ओएमआर शीट पर ली गई थी परीक्षा, 10 दिनों में आया था परिणाम :

स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा ओएमआर शीट पर ली गई थी। सत्र को नियमित करने के उद्देश्य से विभाग ने आनन-फानन में इसका परिणाम 10वें दिन ही जारी कर दिया था, लेकिन इसमें व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हो गई। दो अंकों के वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए थे ऐसे में परिणाम सम संख्या में आना चाहिए था। काफी संख्या में विद्यार्थियों को विषम संख्या में अंक दिया गया। शिकायत मिलने के बाद विवि ने परिणाम को वेबसाइट से हटा दिया। दोबारा जारी किए गए परिणाम में भी गड़बड़ी हुई। अब उसे सुधारने के लिए विशेष टेबुलेटर की नियुक्ति की गई है।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept