व्याकरण व साहित्य पर देना होगा समान समय, वस्तुनिष्ठ प्रश्न की तैयारी से मिलेंगे बेहतर अंक

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंटर की परीक्षा एक फरवरी से शुरू हो रही है।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 01:23 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 01:23 AM (IST)
व्याकरण व साहित्य पर देना होगा समान समय, वस्तुनिष्ठ प्रश्न की तैयारी से मिलेंगे बेहतर अंक

मुजफ्फरपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंटर की परीक्षा एक फरवरी से शुरू हो रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के पास महज दो सप्ताह से भी कम समय रह गया है। कोरोना के कारण स्कूल-कालेज बंद हो गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी में परेशानी नहीं हो इसके लिए दैनिक जागरण की ओर से विशेषज्ञों की सलाह अभियान शुरू किया गया है। इसमें विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ विषय वस्तु की जानकारी, समय निर्धारण, लेखन शैली के साथ ही तनाव मुक्त होकर परीक्षा की तैयारी के टिप्स देंगे। इंटर के विद्यार्थियों को टिप्स दे रहे हैं एलएल कालेज के हिदी विभाग के सहायक प्राध्यापक सह पत्रकारिता विभाग के समन्वयक डा.राजेश्वर कुमार। वे बताते हैं कि इंटर में हिन्दी भाषा-साहित्य का प्रश्नपत्र बड़ा महत्वपूर्ण है। बारहवीं में यह पेपर अच्छा स्कोर करा सकता है। आवश्यकता है सही वैज्ञानिक रणनीति की। इस प्रश्नपत्र का दो हिस्सा है-व्याकरण और साहित्य। दोनों पर समान बल देने की जरूरत है। व्याकरण वाला हिस्सा वस्तुनिष्ठ प्रकार का है। इसमें जितना सही उत्तर देंगे उतना अंक मिल जाता है। पचास अंक के बहुविकल्पी प्रश्न पूछे जाते हैं, उनका अस्सी प्रतिशत केवल व्याकरण से होता है। इसलिए व्याकरण के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को बार-बार दोहरा लेना चाहिए। वर्णमाला, शब्द, संज्ञा, विशेषण, संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, मुहावरे, विलोम शब्द, पर्यायवाची शब्द और अनेक शब्दों के लिए एक शब्द सर्वाधिक महत्वपूर्ण अध्याय हैं। गद्य व पद्य खंड के अध्याय का अध्ययन जरूरी :

गद्य और पद्य खंड के अध्याय का अध्ययन करना भी जरूरी है। व्याख्या खण्ड में अध्याय और लेखक के बारे में पूछा जाता है। इन दोनों का अध्ययन होने पर ही विद्यार्थी इसका उत्तर सही तरीके से दे पाएंगे। इसके अध्ययन से सभी लघु उत्तरीय प्रश्नों का उत्तर भी दे पाएंगे। निबंध समसामयिक विषयों व या परिचित विषय पर रहेगा। निबंध लेखन में शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही विषय का विश्लेषण करते वक्त यह ध्यान रहना चाहिए कि भूमिका, विश्लेषण और निष्कर्ष तीनों शामिल हो। पत्र लेखन में उसके फार्मेट का जरूर ध्यान रखना होगा। आवेदन का प्रारूप अलग होता है और सामान्य पत्र का अलग। इसे बहुत विस्तारित नहीं करना चाहिए। संक्षेपण चार अंकों का आता है। संक्षेपण के लिए सर्वप्रथम दिए गए गद्यांश को दो बार ध्यान से पढ़ना चाहिए फिर जिन बातों का दोहराव हो उसे चिन्हित कर हटा देना चाहिए। कम से कम शब्दों मे अधिक भावों को व्यक्त करने का प्रयास होना चाहिए। इसमें विशेषणों को लिखने से बचना चाहिए। शैली सरल और अलंकारविहीन होना चाहिए। कोशिश होनी चाहिए कि दिए गए गद्यांश के एक तिहाई में अपना उत्तर प्रस्तुत करें। प्रश्नों का उत्तर बिना किसी लाग लपेट के सीधे देना चाहिए ताकि उसमें अशुद्धियों का परिमार्जन भी हो जाएगा। ------------------- रीडर कनेक्ट ::

इंटर के परीक्षार्थी को हिदी में पाठ्यक्रम से जुड़े किसी सवाल को समझने में परेशानी हो तो अपने सवाल दैनिक जागरण के वाट्सएप नंबर 9304680892 पर भेजें। अगले अंक में विशेषज्ञ की राय के साथ उसे प्रकाशित किया जाएगा।

Edited By Jagran

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