पश्चिम चंपारण में कहने के लिए है नाइट कर्फ्यू, रोक टोक करने वाला कोई नहीं

West Champaran रात में शहर की सड़कों पर नहीं दिखती पुलिस की पेट्रोलिंग वाहन नाइट कर्फ्यू में भी लोगों की आवाजाही बेरोकटोक जारी रहती है। हालांकि कड़ाके की ठंड की वजह से रात को कम लोग ही घर से निकल रहे हैं।

Dharmendra Kumar SinghPublish: Tue, 18 Jan 2022 04:51 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 04:51 PM (IST)
पश्चिम चंपारण में कहने के लिए है नाइट कर्फ्यू, रोक टोक करने वाला कोई नहीं

बेतिया, जासं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार नाइट कफ्र्यू लगा दी है। लेकिन जिले में नाइट कफ्र्यू की धज्जियां उड़ा रही है। पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों की सुस्ती की वजह से नाइट कर्फ्यू सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है। रात में गांवों की बात कौन कहे, शहर की सड़कों पर रोक टोक करने वाला कोई नहीं दिखता। नाइट कर्फ्यू में भी लोगों की आवाजाही बेरोकटोक जारी रहती है। कई इलाकों में रात को पुलिस की गश्ती नहीं होने से आने जाने वाले लोगों को कोई रोकने टोकने वाला नहीं है।

कर्फ्यू के बाद भी कुछ दुकानें खुली रहती है। हालांकि कड़ाके की ठंड की वजह से रात को कम लोग ही घर से निकल रहे हैं। लेकिन रात को आने जाने वाले लोग कहां और क्यों जा रहे हैं, यह कोई पूछने वाला नहीं है। जिस कारण नाइट कफ्र्यू की बात यहां बेमानी हो चुकी है। सोमवार की रात शहर के अधिकतर इलाकों में कहीं भी पुलिस की वाहन नहीं दिखी। लोग आराम से आते जाते रहे। उन्हें कोई रोकने टोकने वाला नहीं था। गश्ती में ढिलाई की वजह से कहीं भी नाइट कफ्र्यू का पालन होता नहीं दिखा। सुनील कुमार, संजय ङ्क्षसह, मुकेश साह, अजय कुशवाहा ने कहा कि यहां नाइट कफ्र्यू सिर्फ कागजों तक सीमित है। नाइट कफ्र्यू का पालन कराने के लिए किसी स्तर से कोई पहल नहीं हो रही है। प्रशासन गाइडलाइन जारी कर कोरम पूरा कर लिया है।

गाइडलाइन का खुल्लम-खुल्ला हो रहा है उल्लंघन

कोरोना संक्रमण का दायरा लगातार बढऩे के बाद भी शहर से लेकर जिले के तकरीबन सारे इलाके में कोविड-19 गाइडलाइन का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन हो रहा है। होटल, ढाबा, चाय पान, कपड़े या किसी भी दुकान, मॉल, बाजार में पूरी तरह कोविड-19 गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। बाजार में बड़ी तादाद में लोग बिना मास्क पहने घूम रहे हैं। सब्जी और फल दुकानों पर शारीरिक दूरी के नियम का उल्लंघन कर खरीदारी कर रहे हैं। गाइडलाइन का पालन कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी सजग नहीं है। लोगों की यह लापरवाही जीवन पर भारी पड़ सकती है। संक्रमण भी तेजी से फैलाव के बाद भी लोग चेत नहीं रहे हैं।

शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ देवाशीष चटर्जी ने बताया कि जिस तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है उससे बचने का एकमात्र उपाय सतर्कता और गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करना है। लेकिन लोग जिस तरह लापरवाह दिख रहे हैं उससे स्थिति विस्फोटक हो सकती है। महेंद्र महतो, विजय पांडेय, नन्हे शुक्ल, सुरेश पाठक ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए लोगों को सजग होना पड़ेगा, प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। तभी इस खतरे से हम बच सकते हैं। खुद को बचाकर समाज की रक्षा की जा सकती है।

- कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराने के लिए थानाध्यक्षों व पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों पर नियम संगत कार्रवाई की जा रही है। संक्रमण से बचने के लिए लोगों को भी सजग रहना चाहिए। पुलिस अपनी जिम्मेवारी निभा रही है। - उपेंद्रनाथ वर्मा, एसपी, बेतिया।

Edited By Dharmendra Kumar Singh

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