इनाम में होंडा सिटी कार देने वाली काल आपके पास भी आई है क्या?

Muzaffarpur Cyber Fraud साइबर अपराधी लोगों को ठगने के हर दिन नए तरीके तलाशते रहते हैं। इनाम में लाखों-कराेड़ों रुपये देने के बाद अब होंड कार दे रहे। इस नाम पर ठगी का एक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर में सामने आया है।

Ajit KumarPublish: Sat, 29 Jan 2022 12:45 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 01:03 PM (IST)
इनाम में होंडा सिटी कार देने वाली काल आपके पास भी आई है क्या?

मुजफ्फरपुर, जासं।साइबर फ्राड लोगों ठगने के लिए हर दिन नए बहाने खोजते रहते हैं। अफसोस है कि तमाम जागरूकता कार्यक्रम के बावजूद लोग उनके झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर में सामने आया है। जहां एक युवक को इनाम में होंडा सिटी कार देने का प्रलोभन दिया गया। वे इसके झांसे आ गए और अपराधियों ने उनसे दो लाख 65 हजार रुपये ठग लिए। अब उनको अपने ठगे जाने का अहसास हुआ है। इसके बाद थाना में शिकायत दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दरसअल साइबर अपराधियों ने होंडा सिटी कार इनाम मिलने का झांसा देकर युवक से 2.65 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामले में पीडि़त के पिता कोल्हुआ पैगंबरपुर इलाके के हरिनाथ शर्मा ने ब्रह्मपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि गत दिनों साइबर फ्राड ने उनके बेटे अनुराग के मोबाइल पर काल की। काल करने वाले ने इनाम में होंडा सिटी कार देने का झांसा दिया। गाड़ी का कागजात बनाने के नाम पर पहले नौ हजार नौ सौ रुपये मांगा। फ्राड करने वाले के झांसे में आए अनुराग ने रुपये उसके बैंक खाते में डाल दिए। इसके बाद अपराधियों ने जीएसटी के नाम पर 24 हजार नौ सौ रुपये मांगे गए। लोभ में फंसे अनुराग ने फिर रुपये भेजे। इस तरह से अन्य बातों का झांसा देकर फ्राड करने वाले ने युवक से कुल 2.65 लाख रुपये ठग लिए। इसके बाद भी पीडि़त को अहसास नहीं हुआ कि उसके साथ ठगी हो रही। बातचीत के दौरान साइबर फ्राड करने वाले ने युवक को काल कर पटना स्थित एक होटल के समीप बुलाया, मगर वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। तब जाकर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस का कहना है कि साइबर विशेषज्ञ से संपर्क किया गया है, ताकि इसकी गुत्थी सुलझाई जा सके।

साइबर क्राइम का यह कोई पहला मामला नहीं है। समय-समय पर इसको लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन हर बार इसके नए रूप में सामने आने के कारण लोग इसके जाल में फंस ही जाते हैं। इसलिए सतर्कत रहने की आवश्यकता है। बिना मेहनत के यदि कोई कुछ दे रहा है तो उस पर संदेह करने की जरूरत है।

Edited By Ajit Kumar

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