बोचहां विस उपचुनाव में कमजोर हो सकती एनडीए की गठजोड़

यूपी में भाजपा के खिलाफ ताल ठोंकने को तैयार वीआइपी को बिहार में एनडीए के मुख्य घटक दल भाजपा से चुनौती मिलने लगी है।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 01:03 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 01:03 AM (IST)
बोचहां विस उपचुनाव में कमजोर 
हो सकती एनडीए की गठजोड़

मुजफ्फरपुर : यूपी में भाजपा के खिलाफ ताल ठोंकने को तैयार वीआइपी को बिहार में एनडीए के मुख्य घटक दल भाजपा से चुनौती मिलने लगी है। यह चुनौती मिल रही बोचहां विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवारी को लेकर। भाजपा पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सांसद अजय निषाद के नेतृत्व में रविवार को मिठनपुरा स्थित एक होटल के सभागार में हुई बैठक में उपचुनाव में पार्टी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाने की आवाज उठाई गई। एक स्वर से उपचुनाव में पार्टी के चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखते हुए कहा गया कि बोचहां में मजबूत होने के बाद भी विगत कई चुनाव में पार्टी ने नहीं लड़ा। अंतिम समय में गठबंधन के खाते में सीट चले जाने के बाद भी कार्यकर्ताओं ने साझा उम्मीदवार को जीत दिलाने का प्रयास किया, मगर पिछले कुछ समय से वीआइपी के नेता मंत्री मुकेश सहनी द्वारा भाजपा पर किए जा रहे प्रहार से कार्यकर्ता मर्माहत हैं। वे अब चुप नहीं रहेंगे। किसी भी सूरत में वीआइपी को सहयोग नहीं करेंगे।

कार्यकर्ताओं की भावना से अवगत होते हुए जिलाध्यक्ष रंजन कुमार ने कहा कि भाजपा जिले के सभी विधानसभा में अन्य दलों से अधिक मजबूत है। बावजूद इसके गठबंधन धर्म का पालन करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने कुर्बानी दी है। विगत चुनाव में वीआइपी उम्मीदवार की जीत इसका उदाहरण है। अब बोचहां के कार्यकर्ता के साथ जनता भी चाहती है कि वहां कमल खिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व को बोचहां की वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए बोचहां में कमल खिलाने का प्रयास किया जाएगा। वीआइपी को एनडीए में शामिल करना भूल

सांसद अजय निषाद ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने गठबंधन धर्म का राष्ट्रीय स्तर पर पालन किया है। अब जब बात संगठन के मान सम्मान एवं स्वाभिमान की हो तो चुप रहना ठीक नहीं है। निषाद समाज पहले से ही बीजेपी के साथ है। फिर भी गठबंधन में वीआइपी को शामिल किया गया। यह कहीं न कहीं एक भूल है। भाजपा कार्यकर्ता गठबंधन में ऐसे मौकापरस्त नेता या पार्टी को एक दिन भी सहने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि वीआइपी अध्यक्ष एवं मंत्री मुकेश सहनी का कोई जनाधार नहीं है। ऐसे मौकापरस्त नेता का एनडीए में रहना गठबंधन के लिए हितकर नही। यदि मुकेश सहनी यूपी में योगी का समर्थन करते और भाजपा के विरुद्ध उम्मीदवार नहीं देते तो बिहार में बोचहां सीट पर कार्यकर्ता विचार करते। आए दिन उनके बेतुके बयान से पानी सिर से ऊपर जा चुका है। अब पार्टी कार्यकर्ता उन्हें सबक सिखाने का कार्य करेंगे। बोचहां विधानसभा के उपचुनाव में कमल खिलना तय है। बैठक में जिला महामंत्री धर्मेंद्र साहू, जिला महामंत्री सचिन कुमार, मनोज सिंह, जिला प्रवक्ता आलोक राजा आदि शामिल हुए।

Edited By Jagran

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