फुटपाथ का हो रहा व्यावसायिक उपयोग, बीच सड़क पर चल रहे पैदल यात्री

आमगोला ओवरब्रिज को अघोरिया बाजार चौक से जोड़ने वाली ओरियंट क्लब रोड शहर की व्यस्ततम सड़कों में से एक है।

JagranPublish: Sat, 30 Oct 2021 01:36 AM (IST)Updated: Sat, 30 Oct 2021 01:36 AM (IST)
फुटपाथ का हो रहा व्यावसायिक उपयोग, बीच सड़क पर चल रहे पैदल यात्री

मुजफ्फरपुर : आमगोला ओवरब्रिज को अघोरिया बाजार चौक से जोड़ने वाली ओरियंट क्लब रोड शहर की व्यस्ततम सड़कों में से एक है। इस रोड से पैदल गुजरने वालों को फुटपाथ की जगह बीच सड़क पर चलना पड़ता है। वहीं वाहनों की रफ्तार से बच-बचाकर। जरा भी ध्यान इधर-उधर हुआ तो अस्पताल पहुंचना पड़ सकता है। इस सड़क की चौड़ाई कम नहीं है, लेकिन पैदल चलने वालों व वाहनों के परिचालन के लिए महज दो तिहाई जगह ही बची है। बाकी सड़क व फुटपाथ अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है। इस सड़क का फुटपाथ लोगों के चलने के लिए नहीं है। इस पर कब्जा कर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। कहीं फुटपाथ पर मीट-मुर्गा की दुकान तो कहीं चाय-पान व नाश्ते की दुकान खुली है। कुछ लोगों ने सड़क को ही अपना गैरेज बना रखा है। वहीं स्थायी दुकानदारों ने भी फुटपाथ को अपनी जागीर बना रखी है।

इस सड़क के किनारे ओरियंट क्लब मैदान, प्रभापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय महाविद्यालय, स्कूल विवाह भवन आदि हैं। सड़क से बड़े-बड़े वाहन गुजरते हैं। पैदल यात्रियों की बड़ी संख्या में इस मार्ग से गुजरते हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण से पूरे दिन सड़क जाम रहती है। वाहन तो वाहन पैदल चलने वालों को भी आगे बढ़ने के लिए मारा-मारी करनी पड़ती है। इसके बाद भी फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए न निगम प्रशासन ने कभी अभियान चलाया और न ही जिला व पुलिस प्रशासन ने सुध ली। परिणाम यह निकला कि अतिक्रमण घटने की जगह और बढ़ता गया। यही नहीं सड़क किनारे बने बाजार के वाहन भी फुटपाथ पर खड़े किए जाते हैं। इससे पैदल चलने वालों को परेशानी होती है।

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ओरियंट क्लब रोड पूरी तरह से अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है। कभी भी इस सड़क को अतिक्रमण से मुक्त कराने का प्रयास नगर निगम ने नहीं किया। इससे हर दिन इस रास्ते से गुजरने वालों को जाम की समस्या झेलनी पड़ती है।

श्यामल सिंह, कलमबाग चौक फुटपाथ को कौन पूछता, यहां तो सड़क के एक बड़े भू-भाग पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है। इसे खाली कराने का जिम्मा नगर निगम का है, लेकिन निगम को राजनीतिक उठा-पठक से समय बचे तब तो वह कुछ कर पाएगा।

मनीषा मधुकर, छाता चौक

Edited By Jagran

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