मधुबनी जिले में ब्लड बैंक के भवन का होगा नवीकरण, होगी आधुनिक सुविधाएं

Madhubani News वर्ष 1999 में स्थापित ब्लड बैंक के भवन की हालत खराब ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. विनोद कुमार झा ने बताया कि रक्तदान के लिए लोगों में समय-समय पर जागरूकता फैलाई जा रही है। रक्तदान के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है।

Dharmendra Kumar SinghPublish: Sat, 22 Jan 2022 04:03 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 04:03 PM (IST)
मधुबनी जिले में ब्लड बैंक के भवन का होगा नवीकरण, होगी आधुनिक सुविधाएं

मधुबनी, जासं। सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक के भवन के नवीकरण की योजना बनाई गई है। ब्लड बैंक में 300 यूनिट ब्लड क्षमता बहाल है। वर्ष 1999 में स्थापित ब्लड बैंक में सालोंभर तकरीबन 50 यूनिट ब्लड उपलब्ध रहता है। ब्लड बैंक से वर्ष में 22 से 25 सौ यूनिट ब्लड की आपूर्ति की जाती है। बैंक में तीन जीएनएम, चार लैब टेक्नीशियन कार्यरत है। बैंक में लोगों द्वारा दिए गए ब्लड को रखने के लिए दो फैन फ्रीज, दो डोनर चेयर सहित अन्य उपकरण लगाए गए हैं।

हालांकि, ब्लड बैंक की बिजली वायरिंग जर्जर बना है। भवन कई जगहों पर जर्जर बना है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. विनोद कुमार झा ने बताया कि रक्तदान के लिए लोगों में समय-समय पर जागरूकता फैलाई जा रही है। रक्तदान के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है।

रक्तदान करने वालों की संख्या में कमी आने पर रक्तदाताओं से संपर्क कर रक्तदान कराई जाती है। रक्त दाताओं को रक्तदाता प्रमाण पत्र दिया जाता है। बता दें कि कोरोना की पहली लहर में गाइडलाइन का पालन करते हुए जिले के करीब पांच दर्जन रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान कर लोगों को जान बचाने को आगे आए थे। कोरोना की दूसरी लहर में रक्तदाताओं की संख्या में थोड़ी कमी आई। वहीं, तीसरी लहर में रक्तदान करने वालों की संख्या में कमी आई है। बता दें कि नियमित रूप से रक्तदान करने वाले रक्त दाताओं के जिले में कई समूह से करीब 200 युवा जुड़े है। मगर, इस वर्ष रक्तदान थोड़ी-बहुत उदास उदासीनता आई है।

सिविल सर्जन ने ली बूस्टर डोज

मधुबनी। कोरोना टीका की बूस्टर डोज देने की गति में तेजी लाई जा रही है। दस जनवरी से चल रही बूस्टर डोज देने के क्रम शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने तीसरी डोज लिया। बता दें कि बूस्टर डोज स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों तथा बुजुर्गों दी जा रही है। बूस्टर डोज लेने के बाद सीएस डॉ. झा ने कहा कोरोना से बचने के लिए टीका लेना बहुत ही जरूरी है। नौ माह पहले टीका की दूसरी डोज लेने वाले लाभुकों को तीसरी बूस्टर डोज निश्चित रूप से लेना चाहिए।

Edited By Dharmendra Kumar Singh

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