This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

मीनापुर में भाजपा नेता की हत्या, शव मक्के के खेत में फेंका

भाजपा नेता सीताराम प्रसाद की हत्या कर शव मक्के के खेत में फेंक दिया गया।

JagranTue, 08 Aug 2017 02:23 AM (IST)
मीनापुर में भाजपा नेता की हत्या, शव मक्के के खेत में फेंका

मुजफ्फरपुर। मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर में 71 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता व भाजपा नेता सीताराम प्रसाद की हत्या कर शव मक्के के खेत में फेंक दिया गया। उनके शरीर के कई अंगों पर जख्म व ख्ेाून के छींटे मिले हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है कि पीट-पीटकर उनकी हत्या की गई। उनके बड़े पुत्र रंजन प्रसाद ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।

यह हुई घटना : भाजपा नेता के पुत्र रंजन प्रसाद ने बताया कि रविवार की शाम करीब छह बजे घर से निकले। रात नौ बजे तक नहीं लौटने पर खोज शुरू हुई। देर रात तक पता नहीं चलने पर पुलिस को सूचना दी गई। सोमवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों की नजर घर से कुछ ही दूरी पर शंभू साह के मक्के के खेत में उनके शव पर पड़ी। यह खबर सुनते ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। सूचना पर मीनापुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा।

किसी से विवाद नहीं : उनकेछोटे पुत्र पवन कुमार ने बताया कि गाव में या परिवार में किसी से कोई विवाद नहीं है। वे इन दिनों बीमार चल रहे थे। हाल में दिल्ली से इलाज कराकर लौटे थे। इससे वे पार्टी की गतिविधियों में भी भाग नहीं ले रहे थे। क्षेत्र में उनकी पहचान सामाजिक व नेक व्यक्ति के रूप में थी। उनके अपने दल के अलावा अन्य दलों के लोग भी उन्हें काफी सम्मान देते थे। उनकी गिनती क्षेत्र के समृद्ध किसान के रूप में भी होती थी।

बहनें नहीं बांध सकीं राखी : बहनें बड़े अरमान लेकर भाई को राखी बांधने आई थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सीताराम प्रसाद के चार पुत्र और एक पुत्री है। सबसे बड़े पुत्र रंजन प्रसाद व तीसरे पुत्र राजेश कुमार कपड़ा व्यवसायी हैं। राजेश भाजपा में सक्रिय हैं। दूसरा लड़का राजेंद्र प्रसाद किसान है। सबसे छोटा पवन कुमार सरकारी विद्यालय में शिक्षक है। एक लड़की सावित्री शादीशुदा है। पत्‍‌नी राम दुलारी देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। सीताराम की तीन बहनें हैं। तीनों बहनें झालिया देवी, शैल देवी और कुसुम देवी चीत्कार मार रो रही थीं। वह रो-रोकर कह रही थीं कि अब हम केकरा राखी बन्धबई। तीनों अपने भाई को राखी बाधने रविवार की शाम ही राघोपुर आ गई थीं।

लोगों का लगा रहा तांता : मौत की खबर पर उनके घर पहुंचने वालों का तांता लगा रहा। विधायक राजीव कुमार उर्फ मुन्ना यादव, भाजपा नेता,अजय कुमार, पूर्व मुखिया शिवचंद्र प्रसाद, सीता देवी, सच्चिदानंद कुशवाहा व पंकज किशोर पप्पू सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंच कर घटना की जानकारी ली। शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

जदयू छोड़ आए थे भाजपा में

सीताराम प्रसाद पहले जदयू में थे। पिछले विधानसभा चुनाव में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। उनकी गिनती क्षेत्र के कद्दावर नेताओं में होती थी। हाल के दिनों में अस्वस्थ रहने के कारण वे पार्टी में सक्रिय नहीं थे। भाजपा पूर्वी मंडल अध्यक्ष विपिन कुमार ने बताया कि वे भाजपा में थे, लेकिन उन्होंने इसकी प्राथमिक सदस्यता नहीं ली थी।

Edited By Jagran

मुजफ्फरपुर में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!