बिहार बंद का जिले में रहा असर, सड़क पर उतरे महागठबंधन व छात्र संगठन के नेता

जागरण संवाददाता मधेपुरा परीक्षा परिणाम में धांधली व ग्रुप डी की दो-दो बार परीक्षाएं आयोि

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 06:17 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 06:17 PM (IST)
बिहार बंद का जिले में रहा असर, सड़क पर उतरे महागठबंधन व छात्र संगठन के नेता

जागरण संवाददाता, मधेपुरा : परीक्षा परिणाम में धांधली व ग्रुप डी की दो-दो बार परीक्षाएं आयोजित करने के फरमान के खिलाफ व छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के खिलाफ छात्र युवा संगठनों द्वारा आयोजित बिहार बंद के समर्थन में महागठबंधन के नेताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान हाटे-बजारे ट्रेन को करीब एक घंटा तक रोक दिया। बंद को कोसी नवनिर्माण मंच के सदस्यों ने भी समर्थन दिया था।

जिले में महागठबंधन के नेता सड़क पर उतरे, सुबह से ही राजद, भाकपा और भाकपा माले के कार्यकर्ता बंद को सफल बनाने में सक्रिय दिखे। बंद के दौरान विभिन्न चौक चौराहे पर आंदोलनकारी छात्रों नौजवानों को संबोधित करते हुए राजद के जिलाध्यक्ष जयकांत यादव ने कहा कि बिहार में कानून का राज नहीं है। राजद नेता ने कहा कि आरआरबी एवं एनटीपीसी की परीक्षा में हुई धांधली की उच्च स्तरीय जांच हो। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हो रहे पुलिसिया दमन बंद करें सरकार नहीं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। भाकपा की राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं महागठबंधन के जिला संयोजक प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी। अभ्यर्थियों का कट आफ के साथ रिजल्ट फिर से प्रकाशित करे। उन्होंने कहा कि ग्रुप डी में दो परीक्षाएं पीटी और मेंस का फरमान व छात्रों पर हुए मुकदमे वापस ले। अन्यथा छात्र युवा आंदोलन के समर्थन में महागठबंधन आर पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होगा। राजद के प्रदेश महासचिव बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि दमन की राजनीति नहीं चलेगी ,रेलवे सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण करना बंद करे सरकार। भाकपा माले के जिला संयोजक रामचंद्र दास ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार छात्र नौजवानों और किसानों के विरोधी सरकार है। उन्होंने कहा जब भी छात्र आंदोलन का दमन हुआ है तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। राजद के महिला नेत्री एवं वार्ड पार्षद विनीता भारती ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे सरकार। उन्होंने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत शिक्षा को बर्बाद किया जा रहा है। महागठबंधन इसे बर्दाश्त करने को तैयार नहीं, सरकार नहीं सम्भली तो आंदोलन तेज होंगे। राजद के जिला महासचिव मु. नसीर उद्दीन नूरी एवं वरीय नेता रामकृष्ण यादव ने कहा कि छात्रों पर दमन हुआ तो केवी सहाय सरकार को जाना पड़ा, जो हालात सामने है नीतीश कुमार सरकार का भी जाना तय है। मौके पर राजद नेता जयप्रकाश यादव, भारत भूषण उर्फ मुन्ना बाबू, युवा नेता पंकज कुमार, संत कुमार डा. सुरेश कुमार, पूर्व मुखिया अरविद यादव, किसान नेता प्रकाश कुमार पिटू, अमेश यादव,राजेश रजनीश,पप्पू यादव,मनोज यादव,ललन यादव,सीपीआई नेता मु.जहांगीर, माधो राम,ललन राम, सुरेंद्र यादव, विजय यादव, पंकज दास ,वीरेंद्र नारायण सिंह, दिलीप पटेल,जगदीश पासवान,भाकपा माले के सीताराम रजक, राजद के बल राम साह, दीपक कुमार साह, नित्यानंद यादव ,धीरेंद्र यादव , विजय ठाकुर,अमरेंद्र यादव, शंभू कुमार, मणिराज सोनू, राजदीप कुमार आदि बड़ी संख्या में शामिल थे।

शहर के सभी प्रमुख चौराहे किया जाम परीक्षा परिणाम में धांधली व ग्रुप डी की दो-दो बार परीक्षाएं आयोजित करने के फरमान के खिलाफ व छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के खिलाफ छात्र युवा संगठनों के द्वारा आयोजित बिहार बंद का शुक्रवार को जिले भर में असर दिखा। महागठबंधन के कार्यकर्ता सुबह से ही शहर के कालेज चौक,बस स्टैंड चौक, कर्पूरी चौक पर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम रहने की वजह से लोगों को यातायात में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

छात्रों पर हुए मुकदमे वापस ले सरकार

कोसी नवनिर्माण मंच छात्र आंदोलन को जायज मानते हुए, इसकी पूरी जिम्मेवार रेलवे भर्ती बोर्ड और सरकार की रोजगार विरुद्ध नीतियों को ठहराया है। मंच ने बंद का समर्थन करते हुए छात्रों पर किए गए सभी मुकदमें वापस लेने की मांग की। परिषद अध्यक्ष संदीप यादव ने कहा है कि रेलवे भर्ती बोर्ड 2019 के लोक सभा चुनाव के पहले ग्रुप डी और एनटीपीसी की भर्ती निकाली जिसे उसी साल पूरा हो जाना चाहिए था। इतने दिनों बाद परीक्षाओं की घोषणा के समय भर्ती की नियमों में बदलाव करना बिल्कुल गलत था।

Edited By Jagran

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