फौजियों के गांव के रूप में चर्चित है मिर्जापुर बघार

प्रीतम ओझा मनिहारी(कटिहार) मनिहारी प्रखंड के मिर्जापुर बघार गांव के युवाओं पर देशभक्ति का जुनून सिर चढ़कर बोलता है। गांव के कई युवा सेना अर्धसैनिक बल व पुलिस में है। सेना में भर्ती होना गांव के युवाओं की पहली पसंद है।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 07:57 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 07:57 PM (IST)
फौजियों के गांव के रूप में
चर्चित है मिर्जापुर बघार

प्रीतम ओझा, मनिहारी(कटिहार): मनिहारी प्रखंड के मिर्जापुर बघार गांव के युवाओं पर देशभक्ति का जुनून सिर चढ़कर बोलता है। गांव के कई युवा सेना, अर्धसैनिक बल व पुलिस में है। सेना में भर्ती होना गांव के युवाओं की पहली पसंद है। यही कारण है कि इस गांव की पहचान फौजियों के गांव के रूप में है। गांव के 300 से अधिक युवा सेना व पुलिस में हैं। सेना और पुलिस में भर्ती होने को लेकर युवा दिन रात मेहनत करते हैं। पौ फटने से पूर्व ही गांव के युवा मौदान व गंगा किनारे रेत पर दौड़ते व शारीरिक व्यायाम करते नजर आते हैं। गांव के सेवानिवृत सैनिक इन युवाओं को शारीरिक रूप से प्रशिक्षित करने का काम करते हैं। हर वर्ष गंगा नदी से आने वाली बाढ़ भी इन युवाओं के ²ढ़ इच्छाशक्ति को डिगा नहीं पाती है।

प्रखंड मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर बसे इस गांव में कई परिवार ऐसे हैं, जिस परिवार का तीन से चार सदस्य सेना में है। औसतन प्रत्येक तीन घर से एक युवा सेना व पुलिस में है। लेह लद्दाख, कश्मीर सहित अन्य स्थानों पर तैनात मिर्जापुर बघार गांव के युवा देश की सेवा कर रहे हैं।

देश सेवा में शहीद भी हुए हैं युवा

सेना में सेवा देते गांव के नारद यादव,बीएसएफ जवान शंभू कुमार यादव समीप के गांव कांटाकोश के नित्यानंद देश की सेवा में ड्यूटी करते शहीद भी हुए हैं। इसको लेकर पूर्व विधायक विश्वनाथ सिंह ने बघार मिर्जापुर गांव जानेवाली मुख्य सड़क पर बल्दियाबाड़ी के समीप शहीद द्वार का निर्माण कराया था।

सैन्य सेवा के प्रति युवाओं में इस क्रेज का मुख्य कारण गांव के सेवानिवृत्त सैनिकों की पहल है। जेसीओ के पद से सेवानिवृत्त जयमंगल यादव को भी ़फौज में कई मेडल प्राप्त हुआ है।सेवानिवृत्त फौजी जयमंगल यादव कहते है कि गांव के बच्चे सीमित संसाधन में तैयारी कर देश सेवा में जाने को बेताब दिखते है।

पंचायत के मुखिया पिटु कुमार यादव के भी भाई सूबेदार प्रेमप्रकाश यादव देश सेवा में लेह लद्दाख में डटे हुये है। मुखिया ने बताया कि बघार मिर्जापुर में करीब तीन सौ से अधिक लोग सेना व पुलिस में हैं। युवाओं के लिए खेल मैदान के साथ अन्य जरूरी सुविधा मुहैया कराने की दिशा में भी पहल की जा रही है।

Edited By Jagran

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