जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित कर रहे हैं चिकित्सक दंपती

तौफीक आलम फलका (कटिहार) अगर आप दुनिया में कोई अच्छा बदलाव देखना चाहते हैं तो खुद में बदलाव लाकर इसकी शुरुआत करनी चाहिए। फलका प्रखंड स्थित पोठिया बाजार के एक चिकित्सक दंपति डा. आशीष कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी डा. स्नेहा गुप्ता ने चिकित्सकीय पेशे के साथ पर्यावरण संरक्षण और खेतों की उर्वराशक्ति बनाए रखने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं।

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 09:51 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 09:51 PM (IST)
जैविक खेती के लिए किसानों को   प्रेरित कर रहे हैं चिकित्सक दंपती

तौफीक आलम, फलका (कटिहार)

अगर आप दुनिया में कोई अच्छा बदलाव देखना चाहते हैं तो खुद में बदलाव लाकर इसकी शुरुआत करनी चाहिए। फलका प्रखंड स्थित पोठिया बाजार के एक चिकित्सक दंपति डा. आशीष कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी डा. स्नेहा गुप्ता ने चिकित्सकीय पेशे के साथ पर्यावरण संरक्षण और खेतों की उर्वराशक्ति बनाए रखने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। डा. आशीष गुप्ता बनारस के भारत सरकार द्वारा संचालित कायाकल्प अवार्ड टीम से भी जुड़े हुए हैं। चिकित्सक दंपती पांच वर्षों से भी अधिक समय से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

डा. गुप्ता ने बताया कि किसानों के जैविक उपज को आसानी से बेचने के लिए, एक जैविक कंपनी की स्थापना किए जाने की भी योजना है। जैविक विधि से तैयार फसलों की फूड प्रोसेसिग कर बाजारों में बेचा जा सकेगा। डा. गुप्ता ने अपनी 10 एकड़ जमीन पर तत्काल हल्दी, मेथी, आलू, गेंहू सहित कई प्रकार की सब्जियों की खेती जैविक विधि से किए जाने की शुरूआत की है।

चिकित्सक दंपती की प्रेरणा से पांच दर्जन से अधिक किसान जैविक खेती कर रहे हैं। डा. बताते हैं कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार खेती है। हरित क्रांति के समय से बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए स्वास्थ्य एवं आय की दृष्टि से जैविक खेती जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद से उपजी सब्जी सहित अन्य फसल स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होता है। इससे खेतों की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से गरीबों का इलाज भी करते हैं। क्या कहते हैं किसान

युवा किसान अमित वत्सल, हृदय नारायण यादव, गौरव भगत, भोलू गुप्ता आदि किसानों ने बताया कि चिकित्सक दंपती द्वारा जैविक खेती की मुहिम काफी सराहनीय है। क्षेत्र के कई किसान इससे प्रेरित होकर जैविक खेती कर रहे हैं। क्या कहती हैं बीडीओ

प्रखंड विकास पदाधिकारी मधु कुमारी ने कहा कि चिकित्सकीय पेशे में होते हुए भी किसान के हित और पर्यावरण संरक्षण के लिए चिकित्सक दंपती द्वारा काम करना प्रशंसनीय है।

Edited By Jagran

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