कारीराम गांव की मुख्य गली में जलजमाव से परेशानी

नुआंव नुआंव प्रखंड की सीमा प्रदेश के बक्सर रोहतास जिला के साथ ही यूपी से भी जुड़ती है। इसी प्रखंड की पंचायत अकोलही पंचायत के कारीराम गांव में समस्याओं का अंबार है।

JagranPublish: Mon, 24 Jan 2022 12:12 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 12:12 AM (IST)
कारीराम गांव की मुख्य गली में जलजमाव से परेशानी

नुआंव: नुआंव प्रखंड की सीमा प्रदेश के बक्सर, रोहतास जिला के साथ ही यूपी से भी जुड़ती है। इसी प्रखंड की पंचायत अकोलही पंचायत के कारीराम गांव में समस्याओं का अंबार है। यह गांव कर्मनाशा नदी के तट पर स्थित है। सीमावर्ती गांव होने के बावजूद यह विकास में आज भी पिछड़ा हुआ है। यहां मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना का अधिकतर कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। गांव के लोग आज भी कीचड़ से सने रास्ते से होकर आने-जाने को विवश हैं। वैसे तो यहां जाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है, लेकिन जैसे ही गांव के नजदीक पहुंचते हैं यह सड़क गायब हो जाती है और कीचड़युक्त गालियां प्रारंभ हो जाती है। जिससे यदि कोई बचकर निकालना चाहे तो यह मुश्किल है। गर्मी के दिनों में भी इस पर पानी जमा रहता है। थोड़ी सी बारिश होने पर स्थिति काफी खराब हो जाती है। जब इस समय मुख्य गली की ऐसी स्थिति है तो बरसात के दिनों में इसकी क्या स्थिति होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। एक अन्य सड़क का निर्माण भी गांव के बाहर कराया गया है जो काली मंदिर से होते हुए कर्मनाशा नदी के तट पर जाता है। जहां सरकार द्वारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन उसपर भी केवल मिट्टी का कार्य हुआ है और पक्कीकरण कब होगा किसी को पता नहीं। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत अकोल्ही से कारीराम तक सड़क का निर्माण हुआ है। इस सड़क को गांव से बाहर एक पुलिया तक हीं बना कर छोड़ दिया गया है। अभी पिछले दिनों इसकी मरम्मत का कार्य भी हुआ है, लेकिन फिर वहीं कार्य दोहराया गया। अभिकर्ता गांव के बाहर तक ही सड़क की मरम्मत कर छोड़ दिए। काफी प्रयास करने के बाद भी गांव में प्रवेश करने वाली सड़क की मरम्मत नहीं की गई। गांव में नाली के निर्माण के लिए गली के किनारे खोदे हुए गड्ढे लगभग दो वर्ष से अधिक समय हो गए हैं, लेकिन आज तक इसका पक्कीकरण नहीं हो सका। जिसकी वजह से गांव का गंदा पानी सड़क पर ही फैलता है। नल जल योजना के लिए गांव की गलियों को खोदकर पाइप डाला गया था। जिसे वैसे हीं छोड़ दिया गया।

Edited By Jagran

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