जहानाबाद में पराली प्रबंधन एवं रबी फसल की वैज्ञानिक खेती पर विचार-विमर्श

जहानाबाद। संयुक्त कृषि भवन के सभागार में गुरुवार को खरीफ फसल कटनी के उपरांत पराली प्रबंधन एवं रबी फसल की वैज्ञानिक खेती पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। शुभारंभ गंधार के वरीय वैज्ञानिक व प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र डा. शोभा रानी एवं पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक अरविद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।

JagranPublish: Thu, 09 Dec 2021 11:45 PM (IST)Updated: Thu, 09 Dec 2021 11:45 PM (IST)
जहानाबाद में पराली प्रबंधन एवं रबी फसल की वैज्ञानिक खेती पर विचार-विमर्श

जहानाबाद। संयुक्त कृषि भवन के सभागार में गुरुवार को खरीफ फसल कटनी के उपरांत पराली प्रबंधन एवं रबी फसल की वैज्ञानिक खेती पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। शुभारंभ गंधार के वरीय वैज्ञानिक व प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र डा. शोभा रानी एवं पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक अरविद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।

सहायक निदेशक ने बताया कि किसान इस कार्यक्रम में अपनी समस्याओं को वैज्ञानिकों को बताएंगे तथा वैज्ञानिक इसका समाधान करने का प्रयास करेंगे। वरीय वैज्ञानिक ने खरीफ फसल कटने के उपरांत फसल अवशेष अथवा पराली प्रबंधन के बारे में विस्तृत से बताया। किसान कभी भी अपने खेत में पराली को नहीं जलाएंगे। मृदा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किसान हार्वेस्टर से कटाई के उपरांत हैप्पी सीडर से गेहूं की बुवाई करने का प्रयास कर सकते हैं। फसल अवशेष को मिट्टी में मिला कर मिट्टी में जीवाश्म की मात्रा को बढ़ा सकते हैं।

वैज्ञानिक डा.वाजिद हसन ने मसूर, चना एवं गेहूं की वैज्ञानिक खेती उनके पैकेज आफ प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने किसान को कम अथवा मध्यम अवधि वाले गेहूं के प्रभेद एचडी 2733, एचडी 2967, सी 303 आदि का चुनाव करने की जानकारी दी। छोटी छोटी क्यारी बनाकर गेहूं की खेती करनी चाहिए। क्यारी नहीं बनाने से जलजमाव की समस्या आती है। पौधे पीले पड़ जाते हैं। पशु वैज्ञानिक डा. दिनेश महतो द्वारा किसानों से पशुपालन में आ रही समस्याओं को बताया। किसान दुलेश्वर प्रसाद द्वारा पशुओं में समय पर गर्भाधान में समस्या आ रही है। इस पर पशु वैज्ञानिक ने कहा कि पशुओं को प्रोटीन युक्त आहार नहीं देने के कारण ऐसी समस्याएं आ रही है। प्रतिदिन तीन किलो दूध देने वाले पशुओं को एक किलो अनाज अवश्य खिलाएं। पशुओं में खूरहा, मुंह पका आदि रोगों के बारे में बताते हुए उसके निदान के रूप में कई घरेलू नुस्खे और वैक्सीन की जानकारी दी गई। इस मौके पर दिवाकर कुमार भारती, सीपी राय, राकेश कुमार, राम विवेक मिश्रा, देवेंद्र कुमार सिंह,बबलू कुमार निराला, शिशुपाल प्रसाद, आदित्य राज, अनिल कुमार, महेश कुमार, रंजन कुमार सहित कई किसान मौजूद थे। उप परियोजना निदेशक आत्मा

जहानाबाद।

Edited By Jagran

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