पटना-गया रेलखंड पर 30 अवैध क्रॉसिग, दो साल में 10 घटनाएं

जहानाबाद पटना-गया रेलखंड की लंबाई 90 किलोमीटर है। इस रेलखंड में 30 अवैध क्रॉसिग है यानी हर तीन किलोमीटर पर एक अवैध क्रॉसिग दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है।

JagranPublish: Sat, 14 May 2022 11:53 PM (IST)Updated: Sat, 14 May 2022 11:53 PM (IST)
पटना-गया रेलखंड पर 30 अवैध क्रॉसिग, दो साल में 10 घटनाएं

जहानाबाद : पटना-गया रेलखंड की लंबाई 90 किलोमीटर है। इस रेलखंड में 30 अवैध क्रॉसिग है यानी हर तीन किलोमीटर पर एक अवैध क्रॉसिग दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है। लगातार अवैध क्रॉसिग के कारण घटनाएं घट रही है लेकिन रेलवे द्वारा इसका स्थाई निदान नहीं निकाला जा रहा है। 12 दिसंबर 2021 को जहानाबाद और कड़ौना हाल्ट के बीच अवैध रेलवे क्रॉसिग पर जब ट्रेन और ट्रैक्टर में टक्कर हुई थी तब रेलवे द्वारा क्रासिग के पास दीवार बनाने की घोषणा की गई थी लेकिन यह योजना अभी अमल में ही नहीं आया था कि फिर आठ जनवरी को नेर हॉल्ट के समीप इसी तरह ट्रेन और ट्रैक्टर में टक्कर हो गई। इसके अलावा पिछले साल कडौना हॉल्ट के पास ही पैसेंजर ट्रेन और नेवारी लदे ट्रैक्टर में भीषण टक्कर हुई थी। इन घटनाओं से रेलवे ने कोई सबक नहीं ली और फिर मीरा बीघा हॉल्ट के पास अवैध क्रासिग को पार कर रहे एक ट्रैक्टर ट्रेन से टकरा गई। हालांकि इस घटना में कोई हताहत तो नहीं हुआ लेकिन रेलवे की लापरवाही दूर नहीं करने का नतीजा सबके सामने फिर से नए सिरे से जगजाहिर हो गया।

अवैध रेलवे क्रॉसिग पार करने के दौरान हुए हादसों की लंबी फेहरिस्त है। पिछले साल जहां अवैध क्रॉसिग के कारण छह वहीं इस वर्ष अब तक चार घटनाएं घट चुकी है। रेलवे के रिकॉर्ड के अनुसार इस रेलखंड पर 2020 में आठ हादसे हो चुके हैं। पटना से जहानाबाद के बीच 23 और गया तक करीब 30 अवैध क्रासिग है। इन क्रासिग से हर दिन लोग रेलवे ट्रैक पार करते हैं जबकि एक बडी आबादी ऐसी है, जिसके सामने मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पार करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। कहां-कहां कितने अवैध क्रॉसिग

गया और पटना के बीच कुल : 30

जिले की सीमा में अवैध क्रॉसिग

जहानाबाद से टेहटा - 02

मखदुमपुर से बेला: 03

जहानाबाद से नदौल: 06

Edited By Jagran

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